महंगाई ने खाली की छठ मइया की दौरी
छठ पूजा के सामानों पर महंगाई की मार, 10 से 20 प्रतिशत बढ़े दाम
छठ पर्व की शुरू हुई तैयारियां, प्रमुख बाजारों में सज गई दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सूर्योपासना का महापर्व छठ की तैयारियां शहर में शुरू हो गई है। महिलाएं बाजार से नए कपड़े, सूप, दौरी, फल सहित अन्य पूजन सामग्री खरीदने में जुट गई है। हालांकि इस बार महंगाई डायन ने सामानों के मूल्य में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। ऐसे में व्रत रखने की तैयारी कर रही महिलाएं थोड़ा कम पूजन सामग्री खरीदने को मजबूर हैं। शहर के मालवीय रोड, मोतीलाल रोड, हनुमान मंदिर, भीखमपुर रोड सहित अन्य जगहों पर छठ व्रत के सामानों की छोटी-बड़ी दुकानें सज गई हैं। महिलाएं मोलभाव कर इनकी खरीदारी कर रही हैं। हालांकि पर्व के चलते ज्यादा मोलभाव नहीं हो पा रहा है। मोतीलाल रोड के दुकानदार मैनेजर मद्धेशिया ने बताया कि शुक्रवार को ही दुकान लग गई। शनिवार को महिलाएं छठ पूजन के सामानों की खरीदारी करने आई। रविवार और सोमवार को भीड़ ज्यादा होने की उम्मीद है। पूजन सामग्री खरीदने आई उमानगर की शांति देवी ने बताया कि 10 सालों से वह यह व्रत कर रही हैं। सामान के दाम भले ही बढ़ गए हैं, लेकिन व्रत करना भी तो जरुरी है। अपने बजट में ही थोड़े कम सामान खरीदकर काम चलाएंगे।
व्रत के सामानों में तुलनात्मक वृद्धि
वर्तमान में पिछले साल
कोसी पूरा सेट- 100 रुपये 80 रुपये
दौरी - 150 से 200 120 से 150
बांस की सुपली- 40 से 50 30 से 40
खांची- 100 80 से 90
साठी का चावल व चूरा- 60 से 70 50 से 60
सिंघाड़ा- 40 30
सेब एवं संतरा- 80 रुपये किलो 60 से 70
नारियल रुपये पीस 20
गंजी व सूथनी 40 रुपये किलो 20 से 30
शरीफा 20 से 25 रुपये पीस 20 रुपये पीस
गागल नीबू 20 रुपये पीस 15 से 20
नाशपाती 80 रुपये किलो 60
पनियाला 100 रुपये किलो 80
अन्नानास 20 से 30 रुपये पीस 20 रुपये
केला 30 से 40 रुपये दर्जन 20 से 30
नहाय-खाय के साथ होगी शुरुआत, शुभ मुहूर्त में देंगी अर्घ्य
लोक आस्था के इस पर्व की शुरुआत 11 नवंबर से नहाय-खाय से होगा। श्रीबैकुंठनाथ पवहारी संस्कृत महाविद्यालय बैकुंठपुर के ज्योतिषाचार्य विवेक उपाध्याय ने बताया कि पुत्र कामना के लिए यह व्रत विशेष फलदायी है। साथ ही सौभाग्य संतति एवं अनेक मनोरथों को पूर्ण करने वाला है। चार दिवसीय छठ पर्व रविवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ होगा। 12 नवंबर को खरना होगा। 13 नवंबर को अस्ताचल सूर्य को शुभ मुहूर्त शाम 5.25 बजे अर्घ्य देंगी। वहीं 14 नवंबर को सूर्योदय के समय 6.35 बजे अर्घ्य दिया जाएगा।