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नदी का धरा मोड़ने के नाम पर बरहज में हुआ बालू खनन

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देवरिया। सीबीआई के जिले में दस्तक देने से बालू खनन माफियाओं में खलबली मची है। सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर बंद कमरे में शिकायतकर्ता अजय सिंह से एक घंटे तक पूछताछ की गई। मोबाइल में उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया। आरोप है कि नदी का धारा मोड़ने और गंगा आरती के नाम पर नगर पालिका प्रशासन अवैध तरीके से बालू का खनन कराया है।
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देवरिया में 2006 से 2014 तक हुए बाबू खनन की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही है। इधर छह अक्टूबर-2017 को अजय सिंह ने नगर पालिका प्रशासन पर नियम को ताक पर रखकर गलत तरीके से बरहज में नदी की धारा मोड़ने के नाम पर बालू खनन कराने की शिकायत कर सीबीआई जांच की मांग की थी। शासन ने सीबीआई को जांच सौंप दिया। तीन दिन पहले सीबीआई की तीन सदस्यों की टीम देवरिया पहुंची। बुधवार को सीबीआई ने डाक बंगले पर बुलाकर अजय सिंह का बयान दर्ज किया। आरोप है कि वर्ष 2014-15, 15-16 में नगर पालिका प्रशासन गंगा आरती में हो रही लोगों की कठिनाइयों का हवाला देते हुए नदी का धारा मोड़ने के लिए करीब 17 लाख रुपये खर्च कर बालू का खनन कराया। नियमानुसार नौ लाख से अधिक का टेंडर निकाला जाता है और सरकारी वेबसाइट एनआईसी पर अपलोड होता है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। निवर्तमान चेयरमैन, तत्कालीन ईओ और एक कर्मचारी की मिलीभगत से भुगतान भी कर दिया गया है। जेसीबी का 2100 प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किया गया है और करोड़ों का बालू खनन हुआ है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई के टारगेट पर निवर्तमान चेयरमैन और तत्कालीन ईओ समेत तीन लोग हैं। जांच में बरहज नगरपालिका प्रशासन के अलावा कई जिम्मेदारों की गर्दन फंसने की संभावना है। वहीं पूर्व की बालू खनन जांचों से जुड़ी हुई दस्तावेज सीबीआई टीम कब्जे में लिया है। इस बाबत खनन अधिकारी उमाशंकर ने बताया कि बरहज में हुए बालू खनन की जांच टीम कर रही है। शिकायत करने वाले एक व्यक्ति से पूछताछ हुई है।
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