बरहज। जहाजघाट में बने मीटर गेज पर घाघरा खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में प्रतिदिन 8-10 सेंटीमीटर की कमी नोट की जा रही है। करीब एक माह तक बाढ़ का मंजर होने से बाढ़ पीड़ित आज भी हलकान हैं।
करीब एक माह पूर्व घाघरा में दुबारा आए सैलाब से बाढ़ का पानी परसियां-विशुनपुर देवार के 25 टोलों सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों को जद में ले लिया था। जिससे लोगों का जीवन नारकीय हो गया था। बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने 44 नाव लगाने सहित बाढ़ क्षेत्र में 14 सुरक्षा चौकियां एलर्ट कर दिया था। घरों में पानी घुस जाने से लोगों की रसद सामग्री आदि भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया। यहां तक कि गोरखपुर के विस्थापित कोलखास गांव के करीब 40 घरों के डूब जाने से लोग रामजानकी मार्ग पर शरण लिए हुए थे। जबकि बाढ़ में हो रही कटान के चपेट में धनया कुंद महाल के तीन घर आ गए थे। करीब एक सप्ताह से बाढ़ का पानी हटने के बाद भी लोगों के घरों में नमी बरकरार है। जिससे उठ रही दुर्गंध और होने वाली बीमारियों से लोग भयभीत हैं।