नीलांबुज मिश्र
देवरिया। रोडवेज बसों में यात्रियों के लिए सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है। बसों में आग लगने के बावजूद परिवहन विभाग सबक नहीं ले रहा है। कहने को विभाग की ओर से चालक और परिचालकों के लिए दिशा निर्देश बोर्ड लगाया गया है, जो सिर्फ कागजों तक समिति है। सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज कर बसों को दौड़ाया जा रहा है। अनेक बसों में न तो अग्निशमन यंत्र लगी है और न ही कोई मेडिकल किट। वहीं जिन बसों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए है। उसमें से अधिकांश खाली है या एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों की जान पर हर समय खतरा बना रहता है। बसों में हथौड़ा, इमरजेंसी खिड़की की मरम्मत और अग्निशमन रखने के लिए विभागीय फरमान है। बावजूद इसके जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। सोमवार को 12.44 बजे देवरिया डिपो की एक बस पडरौना सवारी लेकर निकल रही थी। इसमें अग्निशमन यंत्र था, लेकिन गैस खत्म हो चुका था। मेडिकल किट खाली पड़ा था। एक बजे देवरिया डिपो की एक अनुबंधित बस पडरौना के लिए सवारी लेकर निकली। बस में मौजूद चालक महेंद्र चौरसिया से अग्निशमन यंत्र के बारे में पूछा गया तो वह बस के अंदर बने बाक्स से निकालकर दिखाए जो खराब हो चुका था। मेडिकल किट में दवाओं की जगह मच्छरमार अगरबत्ती रखा हुआ था। वहीं 1.25 बजे विकास नगर डिपो की एसी बस कैंपस में खड़ी थी। बस चालू था और एसी चलाकर चालक आरपी सिंह और कंडक्टर सोए हुए थे। दरवाजा खटखटाने पर चालक निकला और अग्निशमन यंत्र और मेडिकल किट होने की बात कही। स्टार्ट बस की तस्वीर लेने पर वह बंद कर दिया। वहीं कैबिनेट मंत्री के गांव पकहा जाने वाली बस में भी अग्निशमन यंत्र नहीं था। कंडक्टर बनारसी प्रसाद ने बताया कि चालक कही रख दिया होगा। परिवहन विभाग के एआरएम आरके उपाध्याय ने बताया कि बसों में अग्निशमन यंत्र और हथौड़ा रखवा दिया गया था। खाली होने पर अग्निशमन यंत्र रिफलिंग के लिए गए हो या चालकों की लापरवाही से हटा दिया गया हो। यह गंभीर विषय है। इसकी जांच कराई जाएगी।
चालकों को नहीं दिया गया प्रशिक्षण
डिपो की 70 बस अपनी है और 105 अनुबंधित। अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं है। विभागीय अफसरों का कहना है कि डिपो की बसों में शत प्रतिशत अग्निशमन होगा। अनुबंधित बसों के मालिकों को बसों में इसे रखने के लिए निर्देश दिया गया है। बसों से हथौड़ा चोरी होने की शिकायतें चालकों की ओर से मिल रही है। बस चालकों को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया है।