रुद्रपुर/एकौना। रुद्रपुर में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। गोर्रा नदी के लाल निशान पार करने से दोआबा और कछार के 116 गांवों में बाढ़ का संकट छा गया है। गोर्रा ने पचलड़ी में जमीदारी बंधे को काट दिया। इससे करीब 200 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। भीमसेन में आधा बांध नदी में विलीन हो गया है।
मंगलवार की रात से राप्ती और गोर्रा नदी का जलस्तर बेतहाशा बढ़ रहा है। गोर्रा खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती भी लाल निशान को छूने को बेताब है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। बंधों पर दबाव तेज हो गया है। मांझा भीमसेन गांव में सोमवार की रात एक किलोमीटर के दायरे में चार जगह पर बंधा दरक कर नदी में विलीन हो गया। कछार के 64 गांवों में कोहराम मचा है। पिड़री के पास गोर्रा का कटान तेज हो गया है। बांध बचाने को सिंचाई विभाग बैंबो कैरेट का प्रयोग कर रहा है। बांध की सुरक्षा को लगे कई कैरेट पानी में बह गए। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि आपात स्थिति से निपटने को प्रशासन तैयार है।
खुलने लगी निरोधात्मक कार्यों की पोल
बाढ़ निरोधक कार्य पर हर वर्ष करोड़ों खर्च करने वाला सिंचाई विभाग की पोल खुलने लगी है। पिड़री और मांझा भीमसेन गांव में बंधा बचाना मुश्किल हो गया। गांव के नीरज कुमार, अजय कुमार, श्रीकिशुन, महेंद्र, शहती, गोरख, कैलाश, भोला, अंकित, धमेंद्र आदि ने कहा कि स्थिति भयावह है। बंधा कटता जा रहा है। तटवर्ती गांव के लोग रात भर जाग रहें है। बांध कटा तो कछार के गांवों में भयानक तबाही मच सकती है।