देवरिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बंदी महेंद्र यादव की हुई मौत से घरवाले जेल प्रशासन के प्रति खफा हैं। उनका आरोप है कि जेल जाने से पहले हुए मेडिकल चेकअप में महेंद्र के बीमार होने की पुष्टि हुई थी। फिर भी इलाज में लापरवाही की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंदी की मौत हॉर्ट अटैक से हुई थी। उधर, डीएम सुजीत कुमार ने एसडीएम सदर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
डीएम ने बताया कि बंदी के परिजनों और जेल प्रशासन के बयान दर्ज किए जाएंगे। जेल से अस्पताल भेजने में देरी करने के बाबत पूछने पर बताया कि जांच का एक बिंदु यह भी होगा। पत्नी गुड्डी देवी का कहना है कि पति महेंद्र खेतीबारी करते थे। पुलिस ने बेवजह अवैध शराब बेचने के आरोप में फंसा दिया। पुलिस को जानकारी थी कि उनके पति बीमार हैं फिर भी इलाज कराने में लापरवाही की गई है। गुड्डी का कहना है कि अब उसकी दो बेटियों और दो बेटों का परवरिश कौन करेगा। गैर जमानती वारंट मिलने के बाद 21 जुुलाई को महेंद्र ने कोर्ट में सरेंडर किया था। दो ही दिन बाद उसकी जेल में हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में जिला अस्पताल में 23 जुलाई की रात को भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। अभी उसे ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को उसका दाह-संस्कार गांव के पास सरयू नदी के घाट पर कर दिया गया।