बरहज। पासपोर्ट खो जाने से थाईलैंड की जेल में बंद लवरछी गांव के जयप्रकाश गुप्ता उर्फ टुन्नू के माता-पिता की आंखें 22 साल से बेटे की राह देखते-देखते थक गईं थीं। लेकिन गांव आए युवक ने जब जयप्रकाश के थाईलैंड जेल में बंद होने की बात बताई तो परिजनों में उम्मीद एक बार फिर जग गई।
चंद्रिका गुप्त के पांच संतानों में दूसरे नंबर का जयप्रकाश कक्षा आठ तक ही पढ़ सका। शादी के बाद मुफलिसी से उबरने के लिए थाईलैंड कमाने चला गया। इसके बाद उसका घर से संपर्क टूट गया। लोगों का कहना है कि उसने वहां शादी कर ली थी। बाद में एक मंदिर पर बौद्घ भिक्षु बन गया। उसके पिता नेपाल में किराने की दुकान चलाकर जीवन-यापन करते हैं। दो माह पूर्व बैंकाक से गांव आए जनार्दन यादव ने जयप्रकाश के पासपोर्ट खो जाने के कारण काफी दिनों से जेल में बंद होने की बात बताई। बेटे के जिंदा और जेल में बंद होने की जानकारी मिलने पर करीब एक सप्ताह पूर्व चंद्रिका और उनकी पत्नी गांव आए। उन्हें बेटे के जिंदा होने की बात पर विश्वास ही नहीं हो रहा है।