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Deoria News: राम जानकी पथ पर 80 प्रतिशत मुआवजे का कार्य पूरा, विद्युत पोल होंगे शिफ्ट

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- बरहज से मेहरौना तक 39 किमी बननी है सड़क, 54 गांव आ रहे दायरे में
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- बरहज से कुंडौली तक 10 मीटर की होगी टू लेन सड़क, मेहरौना तक 19 मीटर होगी फोर लेन
- सड़क किनारे पेड़ कटाई का कार्य अंतिम चरण में, भविष्य में सफर होगा आसान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/बरहज। बरहज क्षेत्र के कपरवार घाट से मेहरौना बाॅर्डर तक रामजानकी मार्ग एनएच-227ए का निर्माण कार्य चल रहा है। मुआवजा देने का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। रामजानकी मार्ग पर चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई करा दी गई है। अब जल्द ही विद्युत पोल शिफ्ट करने का कार्य कराया जाएगा।
इस मार्ग के फोरलेन बनने से अयोध्या से बिहार की राह आसान हो जाएगी, जबकि व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। भारत माला शृंखला योजना के तहत बड़हलगंज से मेहरौना तक करीब 61 किलोमीटर तक रामजानकी मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाना है।
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कपरवार घाट से मेहरौना तक 39 किलोमीटर लंबी सड़क पर कहीं 10 मीटर चौड़ी तो कुछ जगहों पर सात मीटर चौड़ी सड़क है, जिससे अवागमन में परेशानी होती थी। अब इस सड़क को फोरलेन किया जाएगा। शासन से मंजूरी मिलने पर रामजानकी मार्ग पर चौड़ीकरण के लिए कार्य कराया जा रहा है। वन विभाग की ओर से सड़क किनारे के पेड़ों की कटान का कार्य अंतिम चरण में है। रामजानकी मार्ग का चौड़ीकरण कराए जाने से सड़क पर सफर तय करना आसान हो जाएगा।
एनएच की ओर से कपरवार से कुंडौली 10 मीटर और मेहरौना बाॅर्डर तक सड़क को 19 मीटर चौड़ा किया जाएगा। अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे का 80 प्रतिशत भुगतान करने का दावा एनएचएआई कर रहा है। वहीं कुछ जगहों पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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तीन माह से चल रहा है सर्वे व पेड़ों की कटाई का कार्य
अयोध्या से जनकपुर तक रामजानकी मार्ग को शासन की मंजूरी मिलने पर एनएच द्वारा फोरलेन बनाने की योजना है, जिसको लेकर करीब तीन माह से सड़क से सटे काश्तकारों की जमीन और उन पर बने भवन का सर्वे कराया जा रहा है। वहीं कपरवार से कुंडौली और मेहरौना बाॅर्डर तक पेड़ों की कटान तेजी से कराया जा रहा है। कपरवार-बरहज-पैना मार्ग पर लगभग अधिकांश पेड़ों का कटान किया जा चुका है। अब सड़क के किनारे विद्युत पोल को हटाकर सीमांकन की जगह किनारे शिफ्ट किया जाएगा।

कपरवार राप्ती नदी पर पुल, रेलवे क्राॅसिंग आदि के कारण कहीं-कहीं मुआवजे का पेच फंसा
बरहज। लोगों के अनुसार कपरवार राप्ती नदी पर पुल, रेलवे क्राॅसिंग आदि के कारण कहीं-कहीं मुआवजे का पेंच फंसा हुआ है। ज्ञानेश्वर सिंह, अखिलेश सिंह, देवेश चंद्र सिंह, मदन मिश्र, हनुमान गुप्त आदि का कहना है कि मुआवजा धनराशि के लिए पिछले दो दिनों से रजिस्ट्री कार्य कराया जा रहा है, लेकिन मिलने वाली धनराशि का संशय बना हुआ है। विभाग की ओर से मिलने वाले मुआवजे का उचित रेट स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि नगर और ग्रामीण क्षेत्र में बाजार रेट की जगह अधिग्रहीत की गई भूमि का न्यूनतम जमीन का सर्किल रेट का चार गुना मिलने का प्रावधान तय किया जाना बताया जा रहा है, जिससे काश्तकारों का नुकसान हो रहा है। अधिग्रहीत भूमि के सर्किल रेट को लेकर बने संशय और मिलने वाली धनराशि को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। काश्तकारों के अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा मिलने और प्रक्रिया पूर्ण होने पर कार्य शुरु करा दिया जाएगा।






150 काश्तकारों को मुआवजे के लिए नोटिस कराई गई तामील
राष्ट्रीय रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए एनएच विभाग की ओर से भूमि अधिग्रहण किया गया है। मंगलवार को विभाग की ओर से कपरवार बांगर की सड़क से सटी जमीन के करीब 150 काश्तकारों को मुआवजा के लिए नोटिस तामील कराया गया। मिले नोटिस में काश्तकारों से मुआवजे के लिए 12 फरवरी से सत्यापित दस्तावेज जमा कराना है। अन्यथा की स्थिति में उनके हिस्से के प्रतिकर की धनराशि आरडी मद में जमा करा देने की हिदायत दी गई है। तामील कराए गए नोटिस को लेकर लोगों में हर्ष है, जबकि कुछ एक लोगों को नोटिस नहीं मिलने से मायूसी भी है।
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एनएच विभाग की ओर से अयोध्या से जनकपुर तक राष्ट्रीय रामजानकी मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने काश्तकारों की जमीन का अधिग्रहण किया है। सड़क से सटे कपरवार बांगर के कुछ किसानों के मुआवजे का पेच फंसा है। जांच कराकर मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाएगा। परिसंपत्तियों के आकलन का कार्य कराया जा रहा है। पेड़ कटाई का कार्य अंतिम चरण में है। अब विद्युत पोल शिफ्ट करने का कार्य शुरू होगा।

-अरुण कुमार राय, वित्त एवं राजस्व, एसडीएम
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