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पांच माह तक राशन नहीं लेने वाले 7663 राशन कार्ड सीज

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पांच माह तक राशन नहीं लेने वाले 7663 राशन कार्ड सीज
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210 अंत्योदय कार्ड शामिल, आवेदन देने के बाद अब मिलेगा राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पांच माह से राशन नहीं लेने वाले जिले के 7663 लोगों का राशन कार्ड सीज हो गया है। इसमें 210 अंत्योदय कार्ड भी शामिल है। नेट पर भी इनका नाम नहीं दिखेगा। अब इन्हें राशन की जरूरत होगी तो डीएसओ के यहां अपनी मजबूरी दर्शाते हुए आवेदन देना पड़ेगा।
महामारी से बचाव के लिए सरकार फ्री में अनाज देने का एलान किया तो करीब 70 हजार लोग ऑनलाइन आवेदन कर राशन कार्ड बनवा लिए। इसमें अपात्र भी शामिल हैं जो इसका लाभ उठा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि पूर्ण रूप से लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। पांच माह से लगातार राशन नहीं लेने वाले लोगों का नाम वेबसाइट पर ऑटोमेटिक सीज हो गया है। साफ्टवेयर के कमाल से इनकी कमी पकड़ी गई। इन लोगों को जब राशन की जरूरत होगी तो उन्हें डीएसओ के यहां राशन का उठान नहीं होने का कारण बताते हुए आवेदन देना पड़ेगा। ऑफलाइन संस्तुति के बाद ही इन्हें राशन मिलना शुरू होगा।
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इनसेट
महामारी में 70 हजार बढ़ गए राशन कार्डधारक
देवरिया। एक मार्च तक जिले में कार्डधारकों की संख्या 23.36 लाख थी। इसी हिसाब से कोटेदारों को राशन आवंटित किया गया। अप्रैल माह में राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों की सूची आई तो यह संख्या 24.2 लाख हो गई। ऐसे में कोटेदारों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जो पहले दुकान पर पहुंचा उन्हें राशन मिला। मझौलीराज नगर, करमटार शेरवा आदि गांव के सैकड़ों कार्डधारक राशन के लिए भटक रहे हैं और इसकी शिकायत डीएसओ कार्यालय पहुंच रही है।
कार्डधारकों को रास आ रहा पोर्टेबिलिटी सिस्टम
देवरिया। लॉकडाउन की वजह से काफी लोग घर से दूर फंसे थे। उनको राशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए ई पॉस मशीन को अपडेट कर पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया गया। मई में तहसील मुख्यालयों पर 554 और ग्रामीण क्षेत्रों के कोटे की दूसरे दुकानों से 3019 लोगों ने राशन लिया है, जबकि अप्रैल में इसका आंकड़ा कम रहा।
सामूहिक स्तीफा देने की कोटेदारों की चेतावनी
देवरिया। कोटेदारों का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष विश्वजीत मणि के नेतृत्व में डीएसओ से मिला। डीएम को संबोधित मांग पत्र सौंपा। कोटेदारों ने कहा कि महामारी में कोटेदार बिना किसी सुरक्षा के राशन वितरण कर रहे हैं। दुकान पर पहुंच रहे लोग कोटेदारों के साथ मारपीट कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी कोटेदारों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अफसर उल्टा ही कोटेदारों पर झूठी शिकायतों पर कार्रवाई कर रहे हैं। इस पर रोक नहीं लगा तो लॉकडाउन खत्म होने के बाद सामूहिक रूप से कोटेदार इस्तीफा देंगे और ई-पॉस मशीन जमा कर देंगे। इस दौरान अशोक कुमार सिंह, राजेश तिवारी, बांके बिहारी पांडेय, रामकुमार सिंह, राजेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
प्रॉक्सी सिस्टम से राशन वितरण में धांधली रोकेगा मोबाइल
23.70 लाख कार्ड धारकों में 20 हजार कार्ड धारको को प्रॉक्सी सिस्टम से दिया जाता था राशन
जिले में आज से लागू करने का शासन के निर्देश, डीएसएओ ने कोटेदारों को दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आंख के रेटिना (आईरिस) और अंगूठा नहीं लगने के कारण ई पॉस मशीन से राशन नहीं ले पाते थे। ऐसे कार्डधारकों को प्रॉक्सी यानी आधार कार्ड नंबर से कोटेदार राशन देते थे और धांधली भी होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आधार कार्ड के साथ कार्ड धारक का मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा, ओटीपी कोड ई-पॉस मशीन में डालने के बाद ही राशन डिलीवर होगा। इतना ही कार्ड धारक के मोबाइल पर राशल मिलने का मैसेज भी जाएगा।
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ईपॉस मशीन से शत-प्रतिशत राशन वितरण पर जोर हैं। लेकिन जिले में करीब 20 हजार ऐसे कार्ड धारक है। जिनका अंगूठा या आईरिस ई-पॉस मशीन नहीं लेती है। ऐसे में उनको वितरण तिथि के अंतिम दिन कार्डधारक का राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड नंबर दर्ज कर कोटेदार राशन देते हैं। प्रॉक्सी सिस्टम से राशन वितरण कोटेदार मनमानी भी करते थे। इसकी शिकायत भी अफसरों तक पहुंचती थी। जांच में दोषी मिलने पर कई कोटेदारों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। शासन ने धांधली रोकने के लिए प्रॉक्सी सिस्टम में बदलाव कर दिया है। जिन कार्डधारकों का अंगूठा या आईरिस ई-पॉस मशीन पर काम नहीं करेगा। उनको आधार कार्ड के साथ-साथ राशन कार्ड में शामिल परिवार के किसी भी सदस्य का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर जाना होगा। ई-पॉस मशीन में मोबाइल नंबर दर्ज करते ही कार्डधारक के मोबाइल पर ओपीटी जाएगा। ओटीपी नंबर के जरिए राशन दिया जाएगा। अब दूसरे के नाम का आधार कार्ड लेकर दूसरा कोई प्रॉक्सी सिस्टम से राशन वितरण धांधली कोटेदार नहीं कर सकेगा। जिले में करीब 23.70 लाख कार्डधारकों की संख्या है। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल नंबर दर्ज होने से प्रॉक्सी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। अब कोटेदार मनमानी नहीं कर सकेंगे। जिले में इसे लागू कर दिया गया है।
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