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ठेकेदारी से बनाए गए शौचालयों की होगी जांच : डीएम
ग्राम प्रधान एवं जनपद स्तरीय कार्यशाला में अधिकारियों ने दिया स्वच्छता का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत रविवार को सोंदा स्थित पैलेस में रविवार को आयोजित कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने स्वच्छता के अलावा ग्रामीण विकास से जुड़ी तमाम योजनाओं की जानकारी ग्राम प्रधानों के साथ साझा की।
डीएम अमित किशोर ने कहा कि शौचालय निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई ग्राम पंचायतों में ठेकेदारी के माध्यम से शौचालय बनाने की जानकारी सामने आ रही है। ठेकेदारों ने निर्माण में गुणवत्ता की कमी कर ज्यों-त्यों ढांचा खड़ा कर दिया है। सभी शौचालयों की जांच की जा रही है। तमाम लोग मोबाइल पर फोन कर भी शौचालय निर्माण में होने वाली लापरवाही की जानकारी दे रहे हैं। गांव को वास्तव में ओडीएफ करें, सिर्फ कागज पर नहीं। अगर कोई अधिकारी अधूरे गांव को भी ओडीएफ के लिए दबाव देता है तो वह मुझसे मिलकर शिकायत कर सकता है। सीडीओ राजेश त्यागी ने कहा कि हमसे गरीब देश स्वच्छता में आगे निकल रहे हैं। बांग्लादेश या नेपाल में किसी को शौचालय बनाने के लिए सरकार आर्थिक मदद नहीं देती। फिर भी वहां के लोग खुले में शौच नहीं जाते। अपने देश की सरकार शौचालय निर्माण के लिए लोगों को प्रोत्साहन राशि मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ग्रामीण विकास के लिए चालाई जा रही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सौभाग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना, पीएम व सीएम आवास, पेंशन, उज्ज्वला आदि योजनाओं को ग्राम प्रधान समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं। इस दौरान एडीएम वित्त सीताराम गुप्त, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, एएसपी सुरेंद्र बहादुर, डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय, पीडी महेश नारायण पांडेय, डीसी मनरेगा गजेंद्र कुमार तिवारी, समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, डीपीओ प्रभात कुमार, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण जिला समन्वयक बृजेश पांडेय, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष राजेश मिश्र सहित तमाम अधिकारी व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
व्यवस्था में दिखी पानी की किल्लत
कार्यशाला में भीड़ के दबाव में पानी की किल्लत लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। भीड़ में मौजूद लोगों तक वेटर पानी पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहे थे। मंच पर बैठे डीएम लोगों की परेशानी भांप गए। उन्होंने सीएमओ का वक्तव्य बीच में रोककर तुरंत पंडाल के बगल में पानी का स्टॉल लगाने का निर्देश दिया।