प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी। अमर उजाला
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देवरिया। जिले के नोडल अधिकारी एवं नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने शुक्रवार को औद्योगिक परिक्षेत्र उसरा बाजार के पास कूड़ा डंपिंग स्थल के जमीन देखा। देवरिया खास मोहल्ले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर नाराजगी जताई। इसे दूर करने का निर्देश दिया। बोडिया अनंत गांव में भी इस योजना में निर्मित आवासों को देखा। लाभार्थियों के खाते में धन भेजने का निर्देश दिया। गौरी बाजार में निर्मित रेलवे ऊपरगामी सेतु का निरीक्षण का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने नगर पालिका परिषद देवरिया के अपशिष्टों को डंपिंग के लिए स्थल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए उसरा बाजार औद्योगिक परिक्षेत्र के पास जमीन को देखा। उन्होंने एसडीएम सदर राकेश सिंह को निर्देशित किया कि जमीन का चिह्नांकन कर लें। यदि क्रय किया जाना है तो प्रस्ताव भी करें। इसके पश्चात प्रमुख सचिव ने देवरिया खास में डूडा विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के छह लाभार्थियों के आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों के खाते में दो दिन के अंदर धनराशि भेजने का निर्देश परियोजना अधिकारी डूडा सतीश सिंह को दिया। उन्हें बताया गया कि इस योजना के तहत जनपद में 2600 आवास बनना है। 201 आवास की धनराशि प्राप्त हो गई है। उन्होंने इस योजना के तहत गुड़िया, शारदा, गुच्छी, सरिता, मंजू व वासमती के आवास को भी देखा। प्रमुख सचिव ने ग्राम बोडिया अनंत में सुशीला देवी के प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 के बने आवास को देखा। उन्होंने ग्राम प्रधान संजय राव की सराहना की। इस दौरान डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, परियोजना निदेशक रविशंकर राय आदि मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव दौरे पर हलकान रहा महकमा
प्रमुख सचिव को नगर के सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करना था। उनके आने की सूचना पर आलाधिकारी विभागीय कमियों को सुधारने में लगे थे। 12 बजे निर्धारित कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को सवा बारह बजे भलुअनी थाने के निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव मनोज सिंह का एक से डेढ़ बजे तक बरहज निरीक्षण भवन, दो बजे नगरपालिका कार्यालय, तीन बजे तहसील परिसर का मुआयना किया जाना तय था। प्रमुख सचिव के कार्यक्रम को लेकर जिम्मेदार खामियां दूर करने में जुटे थे। सुबह से ही तहसील, नगरपालिका आदि कार्यालयों पर चूना आदि गिराया जाने लगा। कर्मचारी फाइलों के पन्नों को पलटते हुए पसीने से तर-बतर हो रहे थे। दोपहर तक सभी कार्यालयों के अधिकारियों तनाव में थे। अचानक प्रमुख सचिव का दौरा रद्द होने की सूचना मिली। जिस पर लोगों ने राहत की सांस ली। उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव को आना था। किन्हीं कारणों से दौरा रद्द हो गया।