भगड़ा नला पुल पर प्रदर्शन करते बाढ़ पीड़ित
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एकौना। चार माह पहले बाढ़ के शिकार लोगों ने सोमवार को भगड़ा नाला पुल पर धरना दिया। उन्होंने कछार और दोआबा क्षेत्र में बाढ़ से बर्बाद मार्गों को ठीक नहीं कराने पर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी बाढ़ पीड़ितों ने भगड़ा नाला पुल बनवा कर रुद्रपुर करहकोल मार्ग पर आवागमन बहाल करने की मांग की।
दोआबा में चार माह पहले आई बाढ़ में सभी प्रमुख मार्ग कट गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवागमन बहाल करने को लोग निर्माण विभाग ने दो माह का समय लिया था। पानी निकलने के चार माह बाद भी आवागमन की दुश्वारियां झेल रहे बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। उन्होंने शासन प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कहा कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रहा है। गांव में बाढ़ में मकान गवां चुके लोगों को अब तक मुआवजा तक नहीं दिया गया। कोड़री के महंत गिरी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने कहा कि रुद्रपुर करहकोल मार्ग पर भगड़ा पुल व खोपा गांव के पास टूटे पुलिया बाढ़ के पानी में बह जाने से आवागमन की परेशानी उठानी पड़ रही है। 52 गांवों के लोग दुर्गम मार्ग से होकर चार माह से तहसील और जिला मुख्यालय की यात्रा कर रहे हैं। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को उनकी हाल पर छोड़ दिया है। यदि सभी रास्ते एक सप्ताह में बनने शुरू नहीं हुए तो तहसील का घेराव किया जाएगा। धरना देने वालों में सतीश यादव, नरेंद्र शुक्ल, मुन्ना गिरी, अवधेश पाल, रामानंद, सत्यम, अर्जुन प्रसाद, सुरेंद्र गिरी, हेमंत सिंह, धर्मेद्र यादव आदि मौजूद रहें।