बरहज। व्यवसाय और महापुरुषों की तपोस्थली व कर्मस्थली की पहचान रहा बरहज अब कच्ची शराब और जुए की खातिर जाना जाने लगा है। लोगों की मानें तो यहां कच्ची शराब खुलेआम बिक रही है। नजराने के तौर पर पुलिस मोटी रकम वसूलती है।
घाघरा नदी पार दियारा के दुर्गम क्षेत्रों में कच्ची की भट्ठियां अबाध रूप से धधकती हैं। यहां की बनीं शराबों की खेप नगर क्षेत्र सहित मऊ, बलिया, आजमगढ़, बड़हलगंज आदि जगहों पर पहुंचाई जाती हैं। इस कारोबार से जुड़े लोग जहां फर्श से अर्श पर पहुंच गए, वहीं पीने वालों को जान तक गंवानी पड़ी है। यहां की बनी शराब ट्यूब आदि के जरिए सांसद के गोद लिए आदर्श ग्राम कपरवार में उग्रसेन सेतु, रुद्रपुर मार्ग पर एक शिक्षण संस्थान के पास, नौका टोला, कटइलवा में मुखलाल यादव के घर से कुछ दूरी पर नदी के किनारे नाव में रखकर अन्यत्र ठिकानों पर बेची रही है। लोग बताते हैं कि कारोबारियों और व्यवसायियों के हाथ लंबे हैं। आए दिन पुलिस भी दियारा क्षेत्र सहित अन्यत्र ठिकानों पर छापामारी करती है, लेकिन उनके हाथ कच्ची शराब और लहन ही लगती है। लोगों का कहना है कि कारोबारियों के खौफ के चलते विरोध करने से लोग डरते हैं। क्योंकि पूर्व में कच्ची के खिलाफ मुहिम छेड़ने पर मिहिरकांत को जान गंवानी पड़ी थी। पुलिस क्षेत्राधिकारी वरुण मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।