सुरेंद्र वत्स
रुद्रपुर। राजस्व परिषद से जारी शासनादेश के अनुसार भूमि का मालिकाना हक साबित करने वाले राजस्व अभिलेखों में अमूल-चूल परिवर्तन किया जा रहा है। आदेश के तहत खतौनी को आधार कार्ड लिंक किया जा रहा। नई खतौनी में हर खातेदार का अंश निर्धारित किया जाएगा। इस कवायद से बेनामी संपत्तियों और हिस्से से अधिक जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी।
रुद्रपुर तहसील में खतौनी में परिवर्तन को प्ररूप भरने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में तहसील क्षेत्र के 74 गांवों की खतौनी बदली जाएगी। तहसीलदार ने निर्धारित गांवों के लेखपालों को ग्राम सभा की बैठक में काश्तकारों का अंश निर्धारण करने का निर्देश दिया है। अंश निर्धारण के दौरान ग्रामसभा की खुली बैठक में खतौनी में मौजूद सभी खाताधारकों के हिस्से को सार्वजनिक किया जाएगा। दावा-आपत्ति भी आमंत्रित की जाएगी। पुरानी खतौनी में एक खाते में कई खाताधारकों का नाम लिखा रहता है, पर उनके हिस्से का उल्लेख नहीं किया गया है। इस कारण अंतरण के दौरान खाताधारक हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा कर सकते हैं। रजिस्ट्री के विवाद और बेनामी संपत्ति को लेकर न्यायालयों में तमाम मुकदमे चल रहे हैं। खतौनी को पारदर्शी बनाने के लिए हर खातेदार के आधारकार्ड को लिंक किया जाएगा। वहीं हर गांव के खतौनी में उस गांव का छह अंकों का यूनिक कोड अंकित होगा। पहले चरण में तहसील के काशीपुर, अवधपुर, कोलकेशव, हरपुर, भगवानपुर, पडौली, जाफराबाद कोटिया, परसा जोकहा, अराजी अमौनी, हड़हीनदोलवा, रामलक्षन, कन्हौली श्रीनगर कोल्हुआ सहित 74 गांवों की खतौनी बदली जा रही है। इस बाबत तहसीलदार योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि खतौनी में खातेदारों का अंश निर्धारण हो जाने से बेनामी संपत्ति और हिस्से से अधिक जमीन की बिक्री पर रोक लग जाएगा। खतौनी को आधार कार्ड और यूनिक नंबर से लिंक कर पारदर्शी बनाया जा रहा है।