बरहज। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर में की वजह से लोग भयभीत है। कटइलवा और कुरह परसियां के विस्थापित चार घरों के टोले पर हो रही कटान से लोग 2014 की बाढ़ को याद कर सहम जा रहे हैं। पिछले साल नदी का जलस्तर न बढ़ने से बाढ़ जैसी समस्या से लोगों को दो-चार नहीं होना पड़ा था। लिहाजा इस बार विभाग ने समय से बंधों पर बने रैट होल, रेन कट, स्याही के मांद सहित अन्य मरम्मत कार्य में दिलचस्पी नहीं दिखाई। 2007 से हो रहे कटान के बाद भी प्रशासन के न चेतने पर घाघरा ने 2014-15 में गोरखपुर जनपद के कोलखास और कुरह परसियां गांव को पूरी तरह लील लिया था। करीब छह माह से कपरवार संगम तट और कटइलवा के समीप कटान हो रहा है। चार दिन पहले मापक यंत्र पर घाघरा नदी का जलस्तर 64.20 था। वर्तमान में 65.30 मीटर पर पहुंच गया है। घाट पर पानी के दबाव और बढ़ते जलस्तर से कुछ गांवों की सैंकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।