सलेमपुर (देवरिया)। केंद्र और तत्कालीन प्रदेश सरकार के खींचतान में अभी तक गोरखपुर-देवरिया बार्डर से सलेमपुर तक फोरलेन सड़क का निर्माण फंसा हुआ था। लेकिन अब इस सड़क का निर्माण केंद्र द्वारा कराया जाएगा। सड़क पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराने के लिए शासन ने पत्र भेजा है। लेकिन आनन-फानन में लोक निर्माण विभाग के अफसर राज्य सरकार से जारी हुए 46 करोड़ रुपये को खर्च करने की कोशिश में लगे है और निर्माण कार्य अभी तक बंद नहीं हो सका है।
राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित गोरखुपर-देवरिया से सलेमपुर तक बनने वाले फोरलेन निर्माण के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को एनओसी नहीं दिया और खुद निर्माण शुरू करा दिया। इसके लिए 46 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ। लेकिन बीच में कानूनी दांव पेंच में सड़क के किनारे लगे पेड़ों की कटाई रुक गई। इसके चलते अभी तक फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका। 19 जून को शासन ने पत्र जारी कर सड़क निर्माण पर रोक लगाने का निर्देश देते हुए केंद्र सरकार द्वारा सड़कों का निर्माण कराने की बात कही है। पत्र प्राप्त होने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य नहीं रोका गया है। सूत्रों की माने तो राज्य सरकार की ओर से जारी हुए 46 करोड़ रुपये को खपाने के लिए काम कराया जा रहा है। देवरिया से सलेमपुर के बीच कोई भी ऐसा स्थान नहीं है जहां यात्रियों के असुरक्षा है। लोकनिर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरके चौधरी ने बताया कि सुरक्षित स्थान तक काम कराया जाएगा। इसके बाद रोक दिया जाएगा।