प्रभारी चिकित्साधिकारी की कार्रवाई से स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मची
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। सीएचसी पर यूडीएसपी डाटा के संदर्भ में बैठक बुलाई गई थी। इसमें सीएचसी से जुड़े सात सीएचओ गैरहाजिर रहे। इससे नाराज प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सभी सात अनुपस्थित सीएचओ का एक दिन का मानदेय बाधित करने का आदेश दिया है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से सीएमओ और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को भी अवगत कराया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी के कार्रवाई से स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मची हुई है।
डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड, लेप्टोपिरोसिस जैसी बीमारियों की टेस्ट रिपोर्ट आप यूडीएसपी डाटा के माध्यम से देख सकते हैं। इसको देखते हुए शासन ने गैर संचारी रोग अभियान कार्यक्रम चलाया है। इसमें मरीज की पहचान कर उनका विधिवत इलाज की व्यवस्था है, ताकि इन बीमारियों से हो रही मौतों की संख्या को कम किया जा सके। हेल्थ वेलनेस सेंटरों में तैनात सीएचओ को इसकी रिपोर्टिंग करनी होती है। भटनी सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धनंजय कुशवाहा ने 23 अप्रैल को यूडीएसपी डाटा के संदर्भ में बैठक बुलाई थी। इसमें पिपरा विठ्ठल की सीएचओ रेखा कुमारी, धर्मखोर दूबे की सीएचओ रिंकी कुमारी, बभनौली कला की सीएचओ अंजली कुशवाहा, अघैला की सीएचओ सुधा मिश्रा, डेमुसा की सीएचओ दीक्षा बौद्ध, साहोपार की सीएचओ इरन परवीन और दनउर के सीएचओ कामेश्वर नहीं पहुंचे। राष्ट्रीय कार्यक्रम में लापरवाही बरतने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ने सातों स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का मानदेय बाधित करने का आदेश दिया है। डॉ. धनंजय कुशवाहा ने बताया कि सीएचसी पर यूडीएसपी डाटा को लेकर मीटिंग बुलाई गई थी। बैठक में अनुपस्थित सात स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिन का मानदेय बाधित किया गया है।