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682 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई

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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में ड्यूटी कर उतरे पुलिसकर्मियों के थर्मल स्क्रीनिंग करते डॉक्टर - फोटो : DEORIA
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मुंबई से आए सर्वाधिक यात्री, बुखार से थे पीड़ित, डॉक्टर ने माना सामान्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस प्रभावित शहरों से आने वाले 682 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग डॉक्टरों की टीम ने की। मुम्बई से आने वाले कुछ यात्री बुखार से पीड़ित मिले, जबकि अधिकांश यात्री स्वस्थ मिले। अभी तक विदेश से आए 115 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।
मुम्बई से आने वाली दादर एक्सप्रेस निर्धारित समय से दो घंटे विलंब से देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात में आई। 531 यात्री मुंबई से देवरिया स्टेशन पर उतरे। पुलिस वाले यात्रियों को रोक लिए और कतार में खड़ा करा दिए। बारी-बारी से मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग डॉ. जफर अनीश अहमद के नेतृत्व में टीम ने की। इस दौरान सदर एसडीएम दिनेश मिश्र, सीओ निष्ठा उपाध्याय समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इसके बाद पुणे एक्सप्रेस, राप्ती सागर एक्सप्रेस से भी यात्री देवरिया पहुंचे, इनकी भी स्क्रीनिंग हुई। देर रात तक डॉक्टरों की टीम रेलवे स्टेशन पर जमी रही। यात्रियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर भी लिखा गया, स्थानीय सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टर इनकी मॉनिटिंग करेंगे। इस बाबत एसीएमओ डॉ. डीबी शाही ने बताया कि प्रभावित शहरों से आने वाले यात्रियों पर स्वास्थ्य विभाग का नजर है। देर रात तक स्टेशन पर यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग किया गया।
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विदेश से आने वाले 150 लोगों की आई सूची
देवरिया। प्रभावित देशों से जिले में आने वाले 150 लोगों की सूची एयरपोर्ट से स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों से उक्त पते पर संपर्क कर स्क्रीनिंग कर रही है। सोमवार को सूची मिलते ही टीम क्षेत्र में निकल पड़ी। डॉक्टर विदेश या प्रभावित देशों से आने वाले लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं।
आइसोलेशन वार्ड में पहुंच रहे परदेस से आने वाले
देवरिया। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दुबई, सूरत, सऊदी, मुम्बई अन्य शहरों से आने वाले लोग पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों से दिखाने के बाद इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। मुम्बई से आने वाले अधिकांश युवक बुखार से पीड़ित मिले रहे हैं, जबकि डॉक्टर इसे सामान्य बता रहे हैं।
मना करने के बाद भी घर में नहीं रह रहे लोग
देवरिया। कोरोना प्रभावित शहरों से आने वाले लोग मना करने के बाद भी घरों में नहीं रह रहे हैं। इनकी वजह से संक्रमण फैल रहा है। यहीं हाल विदेश से आने वाले लोगों का भी है। प्रशासन के लाख प्रयास के बाद लोग अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों के साथ प्रशासन सख्ती से पेश आएगा।
बुरे वक्त को भी मुनाफाखोरों ने भुनाया
फोटो समाचार
लॉक डाउन की अफवाह पर दुकानों पर उमड़ी भीड़
पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा, अधिक रेट पर बिक्री करने वाले दुकानदारों को हिदायत
संवाद न्यूज एजेेंसी
देवरिया। इस नाजुक वक्त में भी मुनाफाखोर बाज नहीं आ रहे हैं। मंडी बंद होने और लॉक डाउन की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोग बाजार की ओर दौड़ पड़े। दुकानों में ग्राहकों की लाइन लग गई। अधिक रेट पर दाल, चीनी, तेल आदि सामान थोक विक्रेता बेचने लगे। इसकी भनक लगते ही सदर एसडीएम और सीओ सिटी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा और मंडी समिति के अफसरों ने छापा मारा तो तो भगदड़ मच गई। दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। बावजूद शहर से लेकर गांव तक के दुकानदारों ने मोटा मुनाफा कमाया।
कोरोना वायरस को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक दहशत में दिनरात गुजार रहे हैं। सरकार भी लोगों को सजग कर रही है। शहर के मोहन रोड में थोक विक्रेताओं के दुकानों पर सुबह 10 से बजे से लोगों की कतार सामानों की खरीदारी के लिए लग गई। दाल, चीनी, बेसन, सरसों का तेल समेत रोजमर्रा की जरूरी सामानों की खरीदारी करने में आम लोग जुटे रहे। दोपहर में इसकी सूचना किसी ने प्रशासन को दे दी कि अधिक रेट पर सामानों की बिक्री की जा रही है। एसडीएम दिनेश मिश्र और सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय फोर्स के साथ मोहन रोड में पहुंचे। दुकानों पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए अफसरों को मास्क लगाना पड़ा और पुलिस ने दुकानों से भीड़ को खदेड़ा। पूछताछ में लोगों ने बताया कि 100 रुपये किलो दाल, 1900 रुपये क्विंटल चीनी, 1500 टीना सरसों का तेल बेंचा जा रहा है, जबकि बाजार भाव अरहर के दाल का मात्र 73 रुपये है, सरसों तेल का 1200 टीना इस तरह सभी खाद्य सामग्री पर अधिक रेट लेकर लोगों को दी जा रही थी। रमेशचंद्र जायसवाल पूर्व अध्यक्ष ने अफसरों से अधिक रेट पर खाद्य सामग्री बेचने और बिना तौल किए दिए जाने की लिखित शिकायत भी की। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। अफसरों ने दुकानदारों को हिदायत देते हुए जरूरत के अनुसार ही सामान की खरीदारी करने के निर्देश दिए। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने इकट्ठा हुए लोगों को खदेड़ा। वहीं दुकानों और सब्जी मंडियों में भी अधिक रेट पर बिक्री की शिकायत अफसरों तक पहुंचती रही। पूरे दिन टीम बाजार में भ्रमण करती है। टीम में अभिहित अधिकारी रमेश चंद पांडेय, मंडी निरीक्षक राकेश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, पूर्ति निरीक्षक बांसदेव तिवारी, राघवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। एडीएम प्रशासन राकेश पटेल ने बताया कि किसी भी कीमत पर जमाखोरी नहीं करने दिया जाएगा। अधिक रेट पर अगर बिक्री करते जो दुकानदार मिलेगे, उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
युवती को कोरोना की आशंका पर परिजनों ने घर से खदेड़ा
लार। ब्लॉक के एक गांव में सोमवार को दिल्ली से घर आई युवती को उसके परिजनों ने घर से खदेड़ दिया। परिजनों को आशंका थी कि वह कोरोना से ग्रसित है। उसे दस दिनों से सर्दी जुकाम और बुखार है। किसी ने इस बात की जानकारी लार सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बीबी सिंह को दी। सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ उसके गांव पहुंचे। जहां युवती गांव के बाहर खड़ी थी। उसे एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में सर्दी, बुखार से पीड़ित पाई गई है। इसके बाद उसे होम आइसोलेसन के लिए भेज दिया। वहीं, विदेश से आए करीब पचास लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
साहब! विदेश से आने वाले गांव में घूम रहे हैं, इन्हें अस्पताल ले जाएं
सीएमओ कार्यालय के कंट्रोल में लोग फोन कर दे रहे जानकारी
सूचना पर गांव में पहुंचकर स्क्रीनिंग कर रही डॉक्टरों की टीम
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। साहब! मेरे गांव में तीन लोग दुबई से आए हैं और बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। इससे कोरोना वायरस फैलने का खतरा बना है। इन्हें अस्पताल ले जाइए। ऐसी जानकारी सीएमओ कार्यालय के कंट्रोल रूम में फोन कर गांव व मोहल्ले के लोग दे रहे हैं। सोमवार को एक मंत्री का भी फोन आया था। इस सूचना पर डॉक्टरों की टीम गांवों में दौड़ रही है।
विदेश से आने वालों से लोग दूरी बना रहे हैं। वैसे तो किसी दूसरे शहर या विदेश से आने वालों पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम नजर रख रही है। लेकिन विदेश से आने वाले लोग अस्पतालों पर बनी रैपिड रेस्पांस टीम को जानकारी देने में कतरा रहे हैं। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। 150 से 360 एक दिन लोगों की कॉल आ रही है। इसमें सर्दी जुकाम से पीड़ित लोग भी फोन कर रहे हैं। सोमवार को दोपहर में बांकी सिंगही गांव से एक महिला ने फोन किया। साहब मेरा नाम मत बताइएगा पड़ोस का युवक दुबई से आया है और घर में रहने के बजाए गांव में घूम रहा है। ऐसे ही एक व्यक्ति ने सोंदा से फोन कर कहा कि सऊदी से आया एक युवक गांव में लोगों के बीच रह रहा है। मना करने के बाद भी नहीं मान रहा है। ठाकुरजी कुटी गांव से एक फोन आया कि दिल्ली से एक आदमी आया है और घर में नहीं रह रहा है। सर्दी, जुकाम उन्हें हुआ है। बनकटा के सुंदरपार गांव से भी दो लोगों ने दुबई से एक युवक की आने की जानकारी दी। जिले के एक मंत्री ने फोन कर कतरारी और विक्रमबांसपार गांव में विदेश से दो युवकों के आने की जानकारी देते हुए इनकी स्क्रीनिंग कराने को कहा। उमानगर से भी एक महिला ने फोन किया कि सऊदी से मोहल्ले का युवक आया है, मना करने के बाद भी घर पर आ रहा है। इसे अस्पताल में भर्ती कराया जाए। कंट्रोल रूम में आने वाले फोन से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विदेश से आने वालों से ज्यादा चिंता मोहल्ले या गांव वालों को रह रही है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि विदेश सेे आने वाले लोग थोड़ा संकोच कर रहे हैं, लेकिन गांव वाले या पड़ोसी उनकी जानकारी दे रहे हैं। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जा रहा है और गांव में टीम भेजी जा रही है।
कोरोना को हराएंगी समूह की महिलाएं
विकास भवन में तैयार कर रहीं सैनिटाइजर और मास्क
25 रुपये है सैनिटाइजर की कीमत, मेडिकल स्टोर्स पर जल्द होगा उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना को हराने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ( एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कमर कस ली है। वह सैनिटाइजर व मास्क की कालाबाजारी रोकेंगी ही स्थानीय स्तर पर इसकी उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगी। महिलाओं की ओर से तैयार किए गए 50 एमएल के डेढ़ सौ सैंपल शनिवार को जिला चिकित्सालय में भेजे गए थे। जांच में चिकित्सकों ने सैनिटाइजर को उपयोगी पाया। एनआरएलएम के अधिकारी कर्मचारी अब इसके बृहद उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। महिलाओं को 50 एमएल की एक सीसी तैयार करने में करीब 15-17 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। खुदरा बाजार में इसकी बिक्री 25 रुपये में की जाएगी। सोमवार को बैतालपुर व सदर ब्लाक की दस महिलाएं एनआरएलएम विभाग के हॉल में सैनिटाइजर तैयार करने में जुटी रहीं। सैनिटाइजर उत्पादन की सफलता को देखते हुए विभाग इन महिलाओं से मास्क बनवाने की तैयारी में है। जल्द ही इन्हें प्रशिक्षित कर मास्क उत्पादन भी कराया जाएगा।
ऐसे बना रहीं सैनिटाइजर
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं 70 प्रतिशत एल्कोहल (रवेस), 30 प्रतिशत ग्लीसरीन, गुलाब जल और इत्र के मिश्रण से सैनिटाइजर तैयार कर रही हैं। इसे 50 एमएल की प्लास्टिक की सीसी में भरा जा रहा है। मंगलवार से यह सैनिटाजर मार्केट में उपलब्ध हो जाएगा।
वर्जन
जानकारों से राय विमर्श के बाद महिलाओं से सैनिटाइजर तैयार कराया जा रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इसे उपयोगी बताया है। मंगलवार से महिलाओं की ओर से बनाए गए सैनिटाइजर खुदरा बिक्री के लिए दुकानों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मास्क बनवाने की तैयारी भी चल रही है।
- अरविंद कुमार सिंह, मिशन प्रबंधक एनआरएलएम।
फोटो समाचार
दिनभर जनता कर्फ्यू शाम को सब गुड़ गोबर
रुद्रपुर। पीएम के जनता कर्फ्यू लगाने की पवित्र मंशा पर रुद्रपुर में उत्साही युवकों ने पानी फेर दिया। जनता कर्फ्यू के दौरान दिनभर वीरान रहने वाली सड़कों पर अचानक शाम पांच बजे थाली और ताली पीटती भीड़ उमड़ पड़ी। उत्साही युवकों की भीड़ ने कोरोना के खिलाफ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान गो कोरोना गो और कोरोना मुर्दाबाद के नारे लगे। नगर में शाम पांच बजे ताली थाली की शोर के बीच पटाखे भी फूटने लगे। शाम पांच बजे सड़कों पर अचानक हलचल शुरू हो जाने से प्रशासन को काफी भाग दौड़ करनी पड़ी। एसडीएम, सीओ, तहसीलदार घूम-घूमकर लोगों को फिर घरों के अंदर जाने की अपील करने लगे। रुद्रपुर के खजुहा चौराहा, जमुनी चौराहा, गोलावार्ड, रामलक्षन चौराहा, इंदुपुर, पिड़रा, नारायनपुर सहित तमाम गांवों में थाली, टिन के डब्बे, ढोलक आदि लेकर सड़कों पर भीड़ जुट गई। इस बाबत एसडीएम ओमप्रकाश ने कहा कि जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा। कुछ लोग जानकारी के अभाव में सड़क पर निकले तो उन्हें तुरंत समझाकर वापस भेज दिया गया।
सीएम का आदेश, मजदूरों को फ्री में मिलेगा राशन
अप्रैल से होगा लागू, जिला पूर्ति विभाग का सूची तैयार करने में छूट रहा पसीना
वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम ने दिया आदेश, कई विभाग के कर्मचरियों की लगी ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस को लेकर सरकार गंभीर है। श्रमिक मजदूर, ठेला खोमचा और मनरेगा मजदूरों को फ्री में कोटे की दुकानों से राशन मिलेगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसा निर्देश जारी किया है। इसको लेकर जिला पूर्ति विभाग का पसीना छूटने लगा है। अप्रैल से इसे हर हाल में लागू करना है।
रविवार की रात 10 से 12 बजे तक सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अफसरों से वार्ता की और सभी जिले का हाल जाना। उन्होंने कहा ट्रायल के तौर पर 16 जिलों में लॉक डाउन किया गया है, जरूरत के हिसाब से अन्य जिलों में इसे प्रभावी किया जाएगा। जिले के श्रमिक मजदूर, ठेला-खोमचा वाले और मनरेगा मजदूरों को फ्री में राशन मुहैया कराने के निर्देश दिए। हालांकि, पूर्ति विभाग के पास अलग से इन मजदूरों की कोई सूची नहीं है। ऐसे में राशन वितरण में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जिला पूर्ति विभाग इसको लेकर परेशान है और मजदूरों की सूची बनवाने की कवायद में जुटा है। इसके लिए कोटेदार और अन्य विभाग के अफसरों से मदद लिया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि मजदूरों की सूची तैयार की जा रही है। पहले यूनिट के हिसाब से जो राशन मिलता था। उसे दोगुना दिया जाएगा। इसके लिए कोटेदार और अन्य विभागों से मदद ली जा रही है।
दूसरे प्रांतों से लौटे लोगों को 14 दिनों का एकांतवास
रुद्रपुर में मुंबई, पूणे और दिल्ली से लौटे 15 लोग
अस्पताल में भीड़ हटाने को बुलानी पड़ी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। सीएचसी पर सोमवार को ओपीडी सेवा ठप होने पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। आपात चिकित्सा में बैठे डॉक्टर को भीड़ हटाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। चिकित्सकों ने दूसरे प्रांतों से आए सामान्य बीमारी से पीड़ित लोगों को घर में एकांतवास करने को कहा। इस दौरान करीब 15 लोग मुंबई, पुणे और दिल्ली जैसे महानगरों से हाल में लौटे हैं।
आपात चिकित्सा देख रहे डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने कहा कि सोमवार को सीएचसी पर अनावश्यक रूप से लोगों की भीड़ उमड़ी। इनमें से अधिकांश साधारण बुखार और सर्दी के मरीज थे। कोरोना के चक्कर में यह लोग जांच करने का दबाव बनाने लगे। इनमें 15 मरीज कुछ दिन पहले देश के बड़े शहरों से लौट कर आए है। उनकी जांच की गई। उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। एहतियात के तौर पर उन्हें उनके घर पर 14 दिन तक एकांतवास करने को कहा गया। इस दौरान उन लोगों को परिवार के सदस्यों से भी दूरी बनाने की सलाह दी गई। रुद्रपुर में कोरोना संक्रमित लोगों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। कोरोना का लक्षण मिलने पर ही उन्हें अस्पताल के कोरोना वार्ड में आइसोलेट किया जाएगा। अधीक्षक डॉ धमेंद्र सिंह ने कहा कि सीएचसी पर कोरोना से निपटने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई। अस्पताल और फील्ड में काम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों की टीम अपना काम कर रही है। विदेश और दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है। लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है सिर्फ जरूरी एहतियात बरतकर लोग पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं।
फोटो समाचार
सूखे कुएं में पानी डाल रहीं महिलाएं
दीपक जलाकर संक्रमण रोकने की अफवाह
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। वैश्विक महामारी जैसे-जैसे भारत में पांव पसार रही है वैसी ही लोगों के बीच अंधविश्वास घर करने लगा है। बीमारी से बचने को सरकारी तंत्र की ओर से रोज जनजागरण अभियान चलाने के बाद भी लोग अफवाहों को लेकर लकीर के फकीर बन रहे हैं। रुद्रपुर क्षेत्र के नगर और गांवों में महिलाएं सूखे कुएं में शाम को झुंड में जल डालने जा रही हैं। वहीं, गांव-गांव सरसों के तेल से दीपक जलाकर संक्रमण रोकने की अफवाह फैली है।
माताएं अपने पुत्रों की संख्या के अनुसार शाम को दीपक जला रही हैं। इन अफवाहों को लेकर तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करने की तैयारी में है। एसडीएम ओमप्रकाश ने कहा कि कोरोना जैसी खतरनॉक महामारी को लेकर अफवाह फैलाने वाले जेल जाने की तैयारी कर लें। डर पैदा करने वालों को चिह्नितत करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके खिलाफ कोरोना महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनजागरण से कोराना को तीसरे स्टेज में जाने से रोका जा सकता है। लोगों सामाजिक दूरी बनानी पड़ेगी। भीड़ का हिस्सा न बनें। कहा कि लोगों को अस्पताल में जाकर अनावश्यक भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। विदेश से लौटे लोग अपने घरों में रहें, बेहतर होगा कि वह अपने को 14 दिन तक परिवार के अन्य सदस्यों से भी अलग कर लें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने रेलवे स्टेशन पर किया हंगामा
स्टेशन पर खड़ी स्पेशल ट्रेन को चलाने की कर रहे थे मांग
मुंबई से गोरखपुर जा रही थी स्पेशल ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। मुंबई से गोरखपुर जा रही स्पेशल ट्रेन स्थानीय रेलवे स्टेशन पर सिगनल नहीं मिलने से खड़ी हो गई। काफी समय ट्रेन के खड़ी रहने के चलते यात्री परेशान हो गए। स्टेशन मास्टर का घेराव कर हंगामा करने लगे। कोतवाली पुलिस और जीआरपी के समझाने के बाद यात्री शांत हुए। वहीं 11 बजे रात को स्पेशल ट्रेन सलेमपुर से गोरखपुर के लिए रवाना हुई।
मुंबई से यात्रियों को लेकर स्पेशल ट्रेन रविवार रात 9.15 बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंची। सिग्नल नहीं मिलने से स्पेशल ट्रेन काफी देर तक स्टेशन पर रुकी रही। करीब 48 घंटे से भूखे-प्यासे यात्री ट्रेन के सलेमपुर में काफी देर तक खड़ी होने परेशान हो गए। ट्रेन से स्टेशन मास्टर कक्ष में पहुंच गए। स्टेशन मास्टर से ट्रेन चलाने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। स्टेशन पर मौजूद जीआरपी के सिपाहियों ने यात्रियों को काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ते देखकर इसकी सूचना स्टेशन मास्टर ने कोतवाली पुलिस को दे दी। सूचना पर कोतवाल अश्वनी कुमार राय पुलिस बल के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। यात्रियों को शांत कराया। रविवार रात 11.12 बजे स्पेशल ट्रेन गोरखपुर के लिए सलेमपुर से रवाना हुई। इस बाबत स्टेशन मास्टर काशीनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि स्पेशल ट्रेन मुंबई से यात्रियों को लेकर गोरखपुर जा रही थी। सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन रेलवे स्टेशन पर रुकी थी। यात्री चलाने की मांग कर रहे थे। सिग्नल मिलने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। इस बाबत कोतवाल अश्वनी कुमार राय ने बताया कि रेल यात्री घर जाने के लिए पेरशान थे। उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
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अपनों से मिलने में संकोच रहें लोग
सलेमपुर। कोरोना के बढ़ते संकट के कारण व्यापारी वर्ग से लेकर नौकरी पेशा लोग तक इन दिनों परिवार के साथ अधिक समय बिता रहे हैं। वे दूरदराज रहने वाले रिश्तेदारों को भी बार-बार फोन कर हाल ले रहे हैं। इससे न केवल अपनों के बीच की दूरियां कम हुई हैं, बल्कि उनकी दिनचर्या भी बदल गई है। लोग अपनों से मिलने में भी संकोच कर रहे हैं। शहर की छोड़ दें अब इसका असर गांवों में भी देखने को मिल रहा हैं।
क्या कहते हैं लोग
नदावर गांव निवासी पूर्व सांसद आस मोहम्मद ने बताया कि कोरोना का प्रकोप महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार व दिल्ली पहुंचने के बाद इलाके के लोगों में डर है। अमूमन सभी लोग घरों में परिजनों के साथ समय बिता रहे हैं। इससे रिश्तों की दूरी भी एक तरह से कम हुई है। सलेमपुर के चेयरमैन जेपी मद्धेशिया ने कहा कि जिन रिश्तेदारों से वर्षों से बात नहीं हुई थी, कोरोना के कारण उनसे भी बात हो रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में मेरा परिवार रहता है। हम अपने परिवार के लोगों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। व्यापार संघ के अध्यक्ष शम्भू दयाल गुप्ता ने बताया कि कोरोना के कारण इस समय व्यापार भी पूरी तरह ठप है। ऐसे में परिवार के साथ ही घर में रहकर टीवी पर मूवी और अन्य कार्यक्रमों का लुत्फ उठा रहे हैं। हरैया वार्ड स्थित आरएल एकेडमी के प्रवंध निदेशक संदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। इससे सैनिटाइजेशन जैसी कुछ अच्छी आदतें भी जीवन शैली में शामिल हो गई हैं। अब कभी जरूरत होने पर घर से बाहर जाना होता भी है, तो आने पर हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही भीतर आते हैं।
1200 यात्रियों का की गई जांच
भटनी। कोरोना वायरस को लेकर रेलवे स्टेशन पर दादर एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस और अंत्योदय एक्सप्रेस से उतरे यात्रियों की जांच की गई। कुल 12 सौ लोगों की जांच में सबकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। इस दौरान एसडीएम सलेमपुर संजीव यादव, तहसीलदार सतीश चंद्र, स्वास्थ्य निरीक्षक रेलवे अमित मिश्र, प्रभारी चिक्तिसाधिकारी डॉ एनपी सिंह, रामकृष्ण यादव, प्रमोद मिश्र, दिग्विजय नाथ तिवारी आदि उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के लोगों ने बांटे मास्क व हैंडबिल
भटनी। अंतरराष्टीय हिन्दू परिषद के राष्टीय अध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने नगर में जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को मास्क व हेंडबिल वितरण किया गया। प्रान्त संयुक्त अध्यक्ष धनंजय सिंह ने लोगों को मास्क पहनने, सैनिटाइजर से हाथ धोने व साफ सफाई से रहने का निवेदन किया। इस दौरान अर्पित नाथ तिवारी, डॉ दीनानाथ तिवारी, सुमेश वर्मा, रवि यादव, कुंदन वर्मा, लालविहारी आदि उपस्थित रहे।
दफ्तरों के चक्कर न लगाएं, इंटरनेट व मोबाइल सेवाओं का उपयोग करें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सरकारी दफ्तरों में भीड़ इकट्ठा न हो और लोगों को सहूलियत भी मिले इसके लिए विभाग इंटरनेट व मोबाइल सेवाओं पर जोर दे रहे हैं। यही कारण है कि विकास भवन, नगर पालिका, डूडा समेत तमाम विभागों में रोजाना जमा होने वाली भीड़ पर काफी हद तक अंकुश लग गई है। डूडा ने पीएम आवास योजना शहरी के पूछताछ काउंटर बंद कर दिए हैं। लोगों को कोराना वायरस से बचाव के लिए सुझाव चस्पा कराने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी अंकित किए गए हैं। आवास योजना में आवेदन की प्रक्रिया 31 मार्च तक टाल दी गई है। विशेष परिस्थिति में इंजीनियर प्रभात कुमार, धनंजय कुमार के मोबाइल पर फोन करने की सलाह दी गई है। यही हाल विकास भवन का भी है। यहां अधिकारी कर्मचारी सुरक्षित दूरी बनाकर काम कर रहे हैं। सभी को विभाग की ओर से सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है।
इस पर करें फोन
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बाहर से आने वालों की तैयार हो रही सूची
देवरिया। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। दूसरे राज्यों व विदेश से आने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है। सोमवार को सीडीओ शिवशरणप्पा ने सभी बीडीओ को पत्र जारी कर बाहर से आए लोगों का प्रारूप में विवरण तैयार कराने के निर्देश दिए। जिसमें व्यक्ति का नाम, ग्राम पंचायत सहित पूरा पता, मोबाइल नंबर, ब्लाक, किस राज्य या देश से कब आए हैं, बुखार, खांसी आदि हो तो उसका भी विवरण प्रारूप में भरा जाएगा।
नहीं पहुंच रहे फरियादी
देवरिया। कोरोना वायरस से हर तरफ खौफ का माहौल है। पुलिसवाले भी भी प्रार्थना-पत्र अपने हाथ में नहीं ले हैं। पेपर को पहले स्प्रे से सैनिटाइज किया जा रहा है। हालांकि, थानों में कम ही फरियादी पहुंच रहे हैं। सोमवार की दोपहर तक सदर कोतवाली में बस दो ही प्रार्थना-पत्र आए थे।
जनता दर्शन, समाधान दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस को पहले ही रोक दिया गया है। इसके चलते डीएम और एसपी कार्यालय पर जुटने वाली फरियादियों की भीड़ कार्यालय के कागजों और कर्मचारियों को सैनिटाइज किया गया है। सैनिटाइज पेपर को ही अधिकारी हाथ लगा रहे हैं। सदर कोतवाली में तो 10 दिन से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सदर कोतवाल टीजे सिंह तो अपने कार्यालय में कम ही लोगों को आने दे रहे हैं। कोतवाली परिसर को सैनिटाइज किया गया है। प्रार्थना-पत्रों को ह्वाट्सएप पर मंगाकर देखा जा रहा है। हर पुलिसकर्मी को चौकन्ना रहने की सलाह दी जा रही है। पुलिसवाले भी मास्क लगाकर ही ड्यूटी दे रहे हैं। होमगार्ड और पीआरडी जवान भी सड़क पर मास्क लगाकर ही जा रहे हैं। रविवार की रात में एएसपी शिष्यपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर का भ्रमण किया था। सड़क पर घूमने वालों को घरों में जाकर रहने की हिदायत दी गई। एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि सभी को बचकर रहने की जरूरत है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ में है।
फोटो -
रेडक्रास सोसायटी ने मास्क और साबुन बांटा
भारतीय रेडक्रास सोसायटी ने समाचार पत्र वितरकों को दिया मास्क
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए भारतीय रेड क्रास सोसाइटी ने सोमवार को समाचार पत्र वितरकों में मास्क, साबुन और सैनिटाइजर वितरित कर उन्हें जागरूक किया। भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अखिलेंद्र शाही ने कहा कि कोरोना वायरस एक जानलेवा बीमारी है। इसका उपचार बचाव ही है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के सफाईकर्मी, एंबुलेंस चालक और समाचार पत्र वितरकों में मास्क, सैनिटाइजर, साबुन वितरण किया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, जावेद अहमद सिद्दीकी, सुमित मिश्रा, रविकांत मणि त्रिपाठी, शत्रुध्न यादव, राजेंद्र जायसवाल, अशोक मद्धेशिया आदि मौजूद रहे।
फोटो समाचार
बॉर्डर सील किया गया
बरहज। कपरवार स्थित उग्रसेन पुल सहित राप्ती नदी पार से आने-जाने वालों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। सोमवार को जनता कर्फ्यू के बाद अगले दिन नगर क्षेत्र की दुकानें खुलीं। लेकिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। उग्रसेन पुल के रास्ते गोरखपुर जनपद की ओर से आने-जाने वाली गाड़ियों का आवागमन बंद कर दिया गया। जिससे पुल से लेकर चौराहे तक गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। हालांकि, मोहरा-बैरियां घाट, मदनपुर-सेमरा पुल पर चौकसी बढ़ गई है। बाजार में आने-जाने वाले लोग मॉस्क और सैनिटाइजर से अपने को सुरक्षित कर रहे हैं। कार्यालयों में जरूरतमंद ही देखे जा रहे हैं। कर्मी अनावश्यक भीड़ से परहेज कर रहे हैं। एसबीआई बैंक के बाहर कोरोना सतर्क का नोटिस चस्पा किया गया है। सार्वजनिक स्थलों पर लोग एक-दूसरे से दूरी बनाकर बातचीत करते देखे गए।
विदेश से आने वालों पर रखी जा रही नजर
बरहज। तहसील क्षेत्र के गांवों में बाहर से आने वालों पर प्रशासन की नजर है। सूचना पर स्वास्थ्य टीम उनके घर पहुंच कर जांच कर रही है। चिकित्साधीक्षक डॉ. अजय पाल, डॉ. हरेंद्र कुमार आदि टीम के साथ मौके पर पहुंच जांच करने में जुटे हैं। आजाद नगर उत्तरी में सैफ अंसारी पुत्र इरशाद, करायल उपाध्याय उपेंद्र पुत्र मंटू, बिजलापार के रामसागर पुत्र स्व.स्वामीनाथ, बरांव निवासी मुकेश पुत्र सुबाष गोंड़, गुड्डु पुत्र जगन्नाथ, रोशन पुत्र रामकवल, नेतवार के रामउग्रह कुशवाहा, गब्बू कन्नौजिया के आने की सूचना पर स्वास्थ्य टीम ने जांच की। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय चंद ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम बाहर से आने वालों की जांच कर रही है।
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स्वास्थ्य टीम ने बाहर से आए लोगों का जाना हाल
भाटपाररानी। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र के दो गांव में कुछ लोगों के विदेश से आने की सूचना पर घर पहुंची। विदेश से आए लोगों को जरूरी सुझाव दिया और घर में रहने की सलाह दी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुरारी राय ने कहा कि सूचना पर टीम गई थी। मौके पर दोनों की जांच की गई, लेकिन सब कुछ सामान्य मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम, आशाओं को लगाया गया है और बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। टीम में बीपीसीएम मनीष उपाध्याय हिमांशु तिवारी आदि मौजूद रहे।
हनुमान मंदिर का नहीं खुलेगा कपाट
देवरिया। शहर के मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर का कपाट मंगलवार को बंद रहेगा। पीठाधीश्वर महंत परमात्मा दास महाराज ने बताया कि भीड़ को एकत्रित होने से रोकना है। इसलिए मंदिर को बंद रखा जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य कई मंदिरों पर भी सिर्फ पूजा पाठ होगा। लोगों को अंदर जाने की मनाही है।
महामारी रोकने में देंगे सरकार का साथ
देवरिया। पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित पेंशनर्स भवन में हुई। पेंशनरों ने कोराना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार के सभी सुझावों पर अमल करने का संकल्प लिया। अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने कहा कि कोराना वायरस पूरी दुनिया में महामारी का रूप ले चुका है। इससे निपटने के लिए उठाए जा रहे सरकारी कदम सराहनीय हैं। सरकार के सुझावों पर अमल करके हम कोराना के संक्रमण पर काबू पा सकते हैं। इस दौरान लालसा यादव, डीएन तिवारी, एसडी पाठक, नरसिंह, आदि मौजूद रहे।
कोरोना के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया गया
देवरिया। अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन की ओर से सोमवार को गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज परिसर में बैठक की गई। इसमें अभिभावकों को कोराना महामारी से बचाव के लिए जागरूक किया गया। अध्यक्ष गुलाम जाफर ने कहा कि अभिभावक स्वयं व अपने बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करें। सैनिटाइजर या साबुन से हाथों के नियमित सफाई करते रहें। इस दौरान वंशराज पांडेय, लालबाबू, मनोज बरनवाल, अवधेश सिंह, सुरेंद्र कुशवाहा, चंद्रशेखर जायसवाल आदि मौजूद रहे।
टोल प्लाजा पर डॉक्टरों की टीम बरत रही चौकसी
देसही देवरिया। कोरोना को लेकर देसही देवरिया पीएचसी के डॉक्टरों की टीम हेतिमपुर हाईवे टोल टैक्स पर तैनात है। वहां दो बैच में डॉक्टर ड्यूटी लगाई गई है। 24 घंटे जांच-पड़ताल का कार्य चल रहा है। प्रभारी डॉ ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि बाहर से आ रहे लोगों पर टीम की कड़ी नजर है। जानकारी होने पर घर जाकर उनकी जांच करके सलाह दी जा रही है। सोमवार को देवरिया नकछेद गांव में विदेश से आए प्रदीप सिंह की जांच की गई। उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।
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नहीं मिल रहा मास्क और सैनिटाइजर
भाटपारानी । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर बाजार में तक मास्क और सैनिटाइजर गायब है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि कैसे कोरोना से बचाव किया जाएगा, जब बचाव के उपकरण ही नदारद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सरकारी तंत्र बार-बार कह रहा है कि मास्क लगाए और सैनिटाइजर से हैंडवाश करें। यह सुझाव उपकरणों के अनुपलब्धता के चलते हवा-हवाई साबित हो रहा है। मेडिकल स्टोर से लगायत जनरल स्टोर व पीएचसी पर कहीं भी मास्क नहीं है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ मुरारी राय ने बताया कि मास्क आया था, वितरित कर दिया गया है। अत्यधिक मांग बढ़ने से बाजार में इसकी किल्लत देखी जा रही है।
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