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सात दुकानें, 12 से अधिक झोपड़ियां जलीं
गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे कूड़े की चिंगारी से लगी थी आग
तीन घंटे में आग पर पाया गया काबू, 10 लाख का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे कुर्ना नाले के समीप पिछले कई दिनों से जल रहे कूड़े से निकली चिंगारी ने पछुआ हवाओं के साथ खतरनाक रूप धारण कर लिया। आग लगने से सात दुकानें और 12 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों और आसपास के लोगों के प्रयास से तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ितों के अनुसार अग्निकांड में लगभग दस लाख रुपये का सामान जल गया है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
शहर का कूड़ा कुर्ना नाला के समीप फेंका जाता है। यही नहीं पास ही रेलवे की भूमि पर भी कचरा गिराया जाता है। नगर पालिका के कर्मचारियों ने कचरा जलाने के लिए कुछ दिन पूर्व आग लगाई थी। धीरे-धीरे कूड़ा जल रहा था। रविवार की दोपहर में तेज पछुआ हवा के चलने से गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे राबिया खातून की झोपड़ी में आग पहुंच गई। आग की लपटों को देखकर स्थानीय युवक बुझाने के लिए दौड़े। सूचना पर सभासद गोविंद चौरसिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका परिषद और फायर ब्रिगेड को फोन किया। आग ने विकराल रूप लेते हुए सब्दुल, मैरुन्निशा, हबीबुन्निशा, साहेब, नसीमा, फकरे आलम और कमलावती के घरों को आगोश में ले लिया। नगरपालिका के दो टैंकर पानी भर कर मौके पर पहुंचे। युवक इस पानी को आग में फेंकने लगे। उसी दौरान फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी पहुंची। अग्निशमन विभाग, नगर पालिका के कर्मचारियों ने स्थानीय युवकों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। कपड़े, जनरल स्टोर्स, चाय और मिठाई की दुकान, मोबाइल की दुकान आग की भेंट चढ़ गई। पास में 12 से अधिक झोपड़ियां भी जलकर राख हो गईं। इन घरों में लाखों रुपये का सामान और रुपये जल गए। घरों में रखे छोटे और बड़े गैस सिलिंडर को युवकों ने निकाल कर नाले में फेंका। जली हुए दुकान और घर को देखकर परिवार के लोग बदहवास थे। आसपास के लोग अपने घरों के सामान बाहर निकाल दिए थे। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और सीओ मौके पर पहुंचे। लेखपाल अशोक ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों के जले हुए सामान के बारे में जानकारी ली।
इनका जली है दुकान और झोपड़ी
अबीबुन निशा पत्नी जैनुलहक का छप्पर, राबिया खातून पत्नी समसुद्दीन की दुकान और छप्पर, रेशमा पत्नी जैलुद्दीन की छप्पर, कमलावती पत्नी राजू का छप्पर, अख्तर अली पुत्र अलीशेख की दुकान, फकरे आलम पुत्र अलीशेख की दुकान, शबुजन निशा पत्नी समीउल्लाह का छप्पर, साहब पुत्र मंजूर की मिठाई की दुकान, बुधनी पत्नी रंजीत का ठेला, प्रमदा देवी पत्नी नरेन्द्र का छप्पर, मनऊर पुत्र सुभान का छप्पर और अब्बुलैया पुत्र सलामत की गुमटी जल गई।