निजी स्कूलों में प्रवेश को दुर्बल वर्ग के 112 आवेदन निरस्त
अब तक 402 छात्रों ने किया आवेदन, सत्यापन में 187 आवेदन सही मिले
सरकारी मदद से चयनित छात्रों का विभाग कराएगा प्राइवेट स्कूलों में नामांकन
16 अप्रैल को लॉटरी से होगा छात्रों और उनको आवंटित स्कूलों का चयन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए अब तक कुल 402 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सत्यापन के बाद इसमें 112 के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। अब 16 अप्रैल को लॉटरी के जरिए चयनित छात्रों का नामांकन निजी स्कूलों में कराया जाएगा।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया जिले में फरवरी माह से ही प्रारंभ हुई थी। जिले के नगरीय क्षेत्र के चयनित 161 विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश के लिए इच्छुक अभिभावकों को ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन के लिए शासन ने एक से 31 मार्च तक का समय सीमा तय की थी। आवेदन करने वाले छात्रों को ही 30 अप्रैल तक संबंधित विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश मिलेगा। इसके लिए बीएसए कार्यालय स्तर से प्रत्येक बीआरसी से कम से कम दो-दो बच्चों की सूचना मांगी गई थी। नोडल अधिकारी व गौरीबाजार व देसही देवरिया के बीईओ ज्ञानचंद मिश्र ने रविवार को बताया कि योजना के अंतर्गत आवेदन की सही स्थिति अब साफ हुई है। जिले में 299 ऑनलाइन और 103 ऑफलाइन आवेदन मिले हैं। ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन के बाद 187 आवेदन सही पाए गए, 112 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। ऑफलाइन मिले आवेदनों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। 16 अप्रैल को लॉटरी निकाली जाएगी। किस छात्र को कहां प्रवेश मिलेगा, उसी दिन इसका पता चलेगा।