देवरिया। जिला अस्पताल में मरीजों को एक और नई सुविधा मिलने जा रही है। थायराइड की जिस जांच के लिए मरीजों को गोरखपुर, वाराणसी के चक्कर लगाने होते थे, अब वह जिला अस्पताल में ही हो सकेगा। महंगी जांच सुविधा का लाभ मरीजों को महज एक रुपये की पर्ची पर ही मिलेगी। शासन ने इसके लिए अस्पताल के पैथॉलाजी लैब में हार्मोनल एनलाइजर मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। सब कुछ ठीक रहा दो माह में यह सेवा शुरू हो जाएगी।
अनियमित दिनचर्या व खानपान में लापरवाही के चलते लोगों में थायराइड व हार्मोनल डिसऑर्डर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल में ही औसतन 5-6 मरीज नियमित रुप से आते हैं। जिले में इसकी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। एक-दो निजी अस्पताल में मशीन है भी तो उनका शुल्क महंगा है। रिपोर्ट की विश्वसनीयता भी संशय रहता है। ऐसे में अधिकांश मरीज थायराइड से जुड़ी जांच के लिए गोरखपुर, लखनऊ या वाराणसी जाते हैं। इसमें उन्हें काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। मरीजों की सहूलियत को देखते हुए अब जिला अस्पताल में ही इस सेवा को शुरू करने की तैयारी है। शासन ने इसके लिए सहमति दे दी है। 25 लाख रुपये की हार्मोनल एनलाइजर मशीन अस्पताल के पैथालॉजी लैब में स्थापित होगी।
अब तक गोरखपुर भेजे जाते हैं सैंपल
जिला अस्पताल में करीब 400 से 560 मरीजों के ब्लड की जांच औसतन होती है। इसमें थायराइड से जुड़ी जांच की जिले में कोई सुविधा नहीं होने से मरीजों का ब्लड सैंपल गोरखपुर भेजा जाता है। वहां से तीन-चार दिनों बाद रिपोर्ट आती है, तब इलाज शुरू हो पाता है। सरकारी के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी इसी तरह जांच कराई जाती है। अब जिले में जांच शुरू होने से मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा।
इस जांच में मिलेगी सहूलियत
हार्मोनल एनलाइजर मशीन से मरीज में थायराइड के लेबल की जांच के अलावा, गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और बच्चों में हार्मोनल डिसऑर्डर से जुड़ी बीमारियों से संबंधित जांच व उसके उपचार में सहूलियत मिलेगी।
शासन ने मशीन खरीदने के लिए स्वीकृति मिल गई है। थायराइड की जांच काफी महंगी है, मगर जिला अस्पताल में साधारण पर्ची पर ही इसकी सुविधा मिलेगी। मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दो माह के अंदर इस सेवा को शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. छोटेलाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक