देवरिया कलेक्ट्रेट में सपा की ओर से आयोजित धरने को पूर्वमंत्री राम गोविन्द चौधरी ने संबोधित किया।
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देवरिया। बालगृह बालिका में लड़कियों के उत्पीड़न व यौन शोषण के मामले को लेकर सपाइयों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर हल्ला बोल दिया। जिलेभर से जुटे सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से जुलूस निकाला। विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन प्रेषित किया।
धरने में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि देवरिया की घटना मुजफ्फरपुर से भी जघन्य है। सपा सरकार में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 1090 का गठन किया गया था, जो इस सरकार में बेअसर कर दी गई है। भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। मुख्यमंत्री के गृह मंडल में हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है। नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर विद्यार्थी ने कहा कि एक वर्ष से मान्यता रद्द होने के बाद भी संस्था के संचालन के लिए पुलिस-प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। संस्था में लड़कियों को रखना पुलिस की भी लापरवाही है। जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने कहा कि संरक्षण गृह में रह रही बालिकाओं को रात में बाहर भेजने, उनसे घरेलू कार्य कराने, मारने-पीटने एवं प्रताड़ित करने जैसी घटनाएं निंदनीय है। यह सरकार की नाकामी है। विधायक आशुतोष उपाध्याय, एमएलसी रामसुंदर दास, पूर्वमंत्री शाकिर अली, पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, पूर्व एमएलसी जेपी जायसवाल, पूर्व विधायक गजाला लारी, अनुग्रह नारायण सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, रामेश्वर सिंह ने भी संबोधित किया। धरना-प्रदर्शन में बाबूलाल यादव, रमाकांत सिंह, प्रह्लाद यादव, अशोक मद्धेशिया, हृदयनारायण जायसवाल, कृष्णमोहन यादव, रणबीर यादव, हरिओम यादव, धर्मवीर गुप्ता, उमेश शाही, रजनीश यादव, मनीष सिंह, मनबोध प्रसाद आदि शामिल रहे।