नीलांबुज मिश्र
देवरिया। महाराष्ट्र और गुजरात की तरह यूपी में भी कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन (सीपीएस) का परास्नातक डिप्लोमा कोर्स शुरू होगा। इसका सर्कुलर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जारी कर दिया है। पढ़ाई के लिए जिला अस्पतालों का चयन भी हो गया है। इस कोर्स के जरिए चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी दूर की जाएगी। साथ ही चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
यूपी के 15 जिला अस्पतालों में परास्नातक डिप्लोमा की पढ़ाई कराई जानी है। इसका शासनादेश 20 मार्च 2017 को जारी हो चुका है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन जिला अस्पतालों में 150 बेड हैं, वहां डिप्लोमा कोर्स चलाया जा सकता है। प्रारंभिक तौर पर ज्यादा बेड वाले 15 जिला अस्पतालों का चयन हुआ है। अगले चरण में कुछ और जिला अस्पतालों का चयन किया जाएगा। जिन अस्पतालों का चयन किया है, वहां से कोर्स चलाने का प्रस्ताव मांगा गया है। इस कोर्स के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) और स्टेट मेडिकल फैकल्टी से अनुमति ली गई है। दाखिला प्रक्रिया राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा। इस तरह के कोर्स मेडिकल कॉलेजों में चलते हैं लेकिन यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम है। इस कारण सरकारी जिला अस्पतालों को डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई का केंद्र बनाने का फैसला किया गया है।
- सीपीएस कोर्स चलाने का प्रस्ताव मांगा गया है। चिकित्सकों के साथ बैठक हो गई है। एक सप्ताह में ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
डॉ. छोटेलाल, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल देवरिया
क्यूं पड़ी जरूरत
- मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या कम है। एमबीबीएस करने वाले ज्यादातर विद्यार्थी परास्नातक या फिर डिप्लोमा कोर्स करने बाहर चले जाते हैं। अब जिला अस्पतालों में डिप्लोमा कोर्स चलाकर उन्हें यहीं मौका देने की तैयारी है। इससे चिकित्सा सेवा बेहतर होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल में होगी चार कोर्स की पढ़ाई
देवरिया जिला अस्पताल में 260 बेड का है। नियमावली के मुताबिक 60 बेड पर एक कोर्स चलाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल में चार कोर्स शुरू हो सकते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, सर्जरी और इमरजेंसी मेडिसिन का डिप्लोमा कोर्स चलाया जाएगा। इसका प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला
एमसीआई की नियमावली के मुताबिक सीपीएस कोर्स दो साल का होगा। इसमें एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। जिन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, उन्हें अच्छी फेलोशिप दी जाएगी। डिप्लोमा कोर्स की मान्यता होगी। इसके जरिए अच्छे एनेस्थिसिया, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, अर्थोपेडिक्स और रेडियोलॉजिस्ट तैयार किए जाएंगे।
इन जिला अस्पतालों में होगी सीपीएस की पढ़ाई
::: देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, बहराइच, ललितपुर, अंबेडकरनगर, इटावा, शाहजहांपुर, आजमगढ़, सीतापुर, फैजाबाद, रायबरेली, अलीगढ़, बदायूूं, सहारनपुर।
कई राज्यों में चलता है डिप्लोमा कोर्स
::: महाराष्ट्र के 125 सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेज या फिर इंस्टीट्यूट में सीपीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। गुजरात के 20 मेडिकल इंस्टीट्यूट में इस तरह का डिप्लोमा कोर्स चल रहा है। पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी सीपीएस का डिप्लोमा कोर्स चलता है।