मारपीट के बाद थाने पर धरना देते व्यापारी,
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रुद्रपुर। आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान रुद्रपुर में भीषण बवाल हुआ। बस स्टेशन पर आरक्षण के विरोध में दुकान बंद कराने को लेकर आंदोलनकारियों और व्यापारियों में जमकर मारपीट हुई। मारपीट में दोनों तरफ से छह लोग घायल हो गए। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर और लाठियां चटकने लगी। घायलों में दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने तीन आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया है। आंदोलन के दौरान हिंसा के विरोध में व्यापार मंडल ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों व्यापारियों ने थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की और थाने पर धरना दिए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
जानकारी के अनुसार सुबह दस बजे से आरक्षण विरोधी आंदोलनकारी बस स्टेशन चौराहे से दुकानों को बंद कराते हुए नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान एक स्वर्ण व्यवसायी से नोंकझोंक शुरू हो गई। आंदोलनकारियों और दुकानदारों में बहस के बाद धक्का मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई। देखते ही देखते दोनो तरफ से लाठी और ईंट-पत्थर चलने लगे। मारपीट के दौरान प्रदीप गुप्ता, योगेश गुप्ता, अमित, विनय गुप्ता, पुनीत सिंह, मनीष मिश्रा घायल हो गए। इनमें से अमित और प्रदीप को गंभीर चोट आई हैं। दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमापति शुक्ल, श्याम जायसवाल, राजू गुप्ता, बबलू गुप्ता, संजीव गुप्ता आदि ने व्यापारियों को पीटने वालों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी।
15 आंदोलनकारियों पर बलवा का केस
रुद्रपुर। आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान व्यापारियों से हुई मारपीट में पुलिस ने 15 नामजद और कुछ अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ बलवा का केस दर्ज की है। मंगलवार को मारपीट में घायल व्यापारी प्रदीप गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर आंदोलनकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। नामजद आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तीन आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।