फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई काम अधूरे पर उम्मीदें हैं कायम

विज्ञापन
yogi adityanath
विज्ञापन
देवरिया। 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ सरकार का एक साल पूरा हो गया। एक साल में योगी सरकार ने कुछ काम किए तो तमाम काम अभी अधूरे हैं। पूर्वांचल के गोरखपुर के सीएम से देवरिया के निवासियों को काफी उम्मीदें हैं। एक साल में गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर फोरलेन का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बैतालपुर से देवरिया होकर सलेमपुर तक बाईपास की सौगात दी तो सदर विधायक के प्रयास से अंवराचौरी होकर कतरारी रोड होते हुए रुद्रपुर मोड़ तक दूसरा बाईपास मिला। बरहज में मोहन सेतु का काम भी तेजी से चल रहा है। ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार तो हो गया है, लेकिन अभी चालू नहीं हो सका है। मैटरनिटी सेंटर बनकर तैयार होने वाला है। जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन खोजी जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ शहर के सड़कों की हालत ठीक नहीं है। सिविल लाइंस, सीसी रोड पर चलना कठिन हो गया है। वहीं, कसया बाईपास पर टूटा पुल उद्धारक के इंतजार में है। पिछले छह महीने से यह भारी वाहनों के लिए रोक है। जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। बालू, गिट्टी के दाम से आम लोगों को परेशानी हुई है। जिले की पुलिस ने बीते एक साल में कुछ अच्छा काम किया है। महिला पीजी कॉलेज के सामने निर्भया बूथ छात्राओं की सुरक्षा के लिए मुफीद साबित हो रही है। साइबर क्राइम को रोकने में जिले में अच्छा काम हो रहा है। तमाम लोगों के रुपये खाते में वापस आ गए हैं। देवरिया साइबर क्राइम कंट्रोल टीम से गुर सीखने प्रदेश के कई जिलों के साथ ही पड़ोसी राज्य बिहार की पुलिस भी आ रही है। जिले का कछार इलाका इस साल बाढ़ की चपेट में रहा। अभी तक सरकार की ओर से इस इलाके के लोगों के हुए आर्थिक मदद नहीं दी गई है। चीनी मिल लगाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


डॉ. के सिंह का कहना है कि योगी सरकार का एक साल का कार्यकाल शानदार रहा है। सबसे बड़ी बात यह कि दंगों पर अंकुश लगा है। अपराधी भयभीत हैं। पूर्वांचल में हर तरफ विकास कार्य प्रगति पर है। इस सरकार में यहां के लोगों को चिकित्सा सेवा बेहतर मिल रही है। किसानों का कर्ज माफ हुआ। नौजवानों के लिए रोजगार नए आयाम जुड़ रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता वकील सिंह का कहना है कि सरकार का कार्यकाल संतोषजनक है। इसे बहुत अच्छा भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि बहुत सारे वायदे पूरे नहीं हुए। खराब इसलिए नहीं कहा जा सकता कि शुरूआती समय किसी भी नई सरकार के लिए समझने का होता है। सरकार को चाहिए की लागू की गई योजनाओं की समीक्षा कर लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई करे। तभी योजनाओं का लाभ आमजन को मिल पाएगा।
विज्ञापन


व्यापारी जशवीर सिंह जस्सी का कहना है कि योगी सरकार जुमलेबाज निकली। एक साल के कार्यकाल में अपराध और भ्रष्टाचार का विकास हुआ है। जो भी योजनाएं सरकार की ओर से चलाई गईं वह कागजों में सिमट कर रह गई हैं। धरातल पर सड़कों की चमक के अलावा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा।

गृहिणी साधना मिश्रा का कहना है कि योगी सरकार का एक साल का कार्यकाल जनता को उम्मीद से ज्यादा दे गया। किसी भी नई सरकार को संभलने में एक साल का समय गुजर जाता है। योगी ने सत्ता पाते ही जनता के हित में एक के बाद एक फैसले लिए। इसका लाभ लोगों को मिल रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर सरकार सजग है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकार ने चिकित्सकों की नियुक्तियां की हैं। स्वच्छता अभियान से लोगों के सीधा लाभ मिल रहा है। लेकिन अभी भी कई मोर्चे पर काम होना बाकी है। इनमें भ्रष्टाचार एक अहम मसला है। योजनाओं का ठीक तरीके से संचालन नहीं हो पाना भी सरकार की कमजोरी को दर्शाता है। उम्मीद है दूसरे साल में योगी सरकार इन कमियों को दूर करने में कामयाब होगी।

गृहिणी पूजा सिंह का कहना है कि सरकार काम तो कर रही है, लेकिन धरातल पर दिक्कतें हैं। महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार को और काम करना होगा। उत्तर प्रदेश में महिलाएं अभी भी सुरक्षित नहीं हैं। रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराएं जाएं। उनका कहना है कि अभी सरकार को एक ही साल हुआ। उम्मीद की जा सकती है अगले चार में योगी सरकार सभी के लिए बेहतर कार्य करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें