देवरिया। दो माह से वेतन नहीं मिलने पर कृषि के कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट गया। भूमि एवं जल संरक्षण प्राविधिक एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार को कृषि भवन कार्यालय पर धरना दिया। उप निदेशक ने उदय मणि का स्थानांतरण, अरुण कुमार का एक माह के भीतर पटल परिवर्तन और शीघ्र वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि त्योहार के अवसर पर वेतन न देना सरकार के आदेशों के उल्लंघन है। ऐसा कर कुछ लोग सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। अधिनस्थ कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष रमेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि दशहरा और दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर कृषि विभाग के कर्मचारियों के हाथ खाली थे। दो माह से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। ओंकार नाथ दुबे, उग्रसेन सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के खिलाफ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मारकंडेय शाही, उपेंद्र शर्मा ने कहा कि दीपावली करीब है। ऐसे में वेतन का भुगतान शीघ्र किया जाए। इस दौरान ओमप्रकाश यादव, पवन यादव, ब्रह्मानंद तिवारी, गिरीश चंद सिंह आदि मौजूद रहे।
शासनादेश के बावजूद नहीं मिला वेतन
शासनादेश के बावजूद जिले के राज्य कर्मचारियों को दशहरा से पहले वेतन नहीं मिल पाया। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि दशहरा, मोहर्रम और दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवकाश को देखते हुए राज्यकर्मियों और सहायता प्राप्त शिक्षकों को 28 सितंबर को वेतन जारी करने का शासनादेश किया गया था। इसके बावजूद वेतन का भुगतान नहीं हो पाया। उन्होंने डीएम से मांग की कि वे सभी विभागों से इस बात का प्रमाण पत्र लें कि कौन सा विभाग शासनादेश के अनुसार वेतन का भुगतान किया है।