सलेमपुर। कोतवाली पुलिस के लिए फरार चल रहे शातिर बदमाश रामश्रय यादव और तारबाबू यादव सिरदर्द बन चुके हैं। पुलिस दोनों बदमाशों को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। कोतवाली पुलिस ने एक बदमाश के घर दबिश दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
मऊ के मधुबन के शातिर बदमाश रामश्रय यादव पर देवरिया में कई केस दर्ज हैं। भागलपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश यादव पर दिनदहाड़े भागलपुर चौराहे पर गोलियां बरसाईं थीं। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पूर्व प्रमुख गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कुछ दिनों पहले सलेमपुर ओवरब्रिज पर पेट्रोल पंप मैनेजर से करीब चार लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट हो गई थी। पुलिस इस मामले में दो लोगों को जेल भेज चुकी है। इसमें शामिल रामश्रय समेत तीन बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर हैं। डी गैंग का सरगना बनकटा थानाक्षेत्र के रूस्तम बहियारी गांव के खड़वा टोला निवासी तारबाबू गोवंशीय पशु तस्करी समेत कई मामलों में शामिल बताया जा रहा है। अवैध शराब के साथ कोतवाली पुलिस ने इसके एक साथी को कुछ दिन पहले दबोचा था और तारबाबू फरार हो गया था। सत्ता के दबाव में आई पुलिस बदमाशों पर हाथ डालने से कतरा रही है। कोतवाल विजय सिंह गौर ने बताया कि तारबाबू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई थी, लेकिन वह मिला नहीं है।