रुद्रपुर। सांसद और विधायकों के गोद लिए गांवों की दशा जहां तीन साल बीतने के बाद भी नहीं सुधरी, वहीं रुद्रपुर तहसील के नकईल गांव का दो साल में ही कायाकल्प होने लगा है। इस गांव पर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की अध्यक्ष अरुणा सिंह की करुणा बरस रही है। वह गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में बदलाव ला रही हैं।
मूलत: चंडीगढ़ की रहने वाली अरुणा सिंह बहुराष्ट्रीय कंपनी की इंडिया हेड हैं। उन्होंने एक साल पहले नकईल गांव को गोद लिया था। वह हर साल गांव में ‘नेकी के तीन दिन’ कार्यक्रम चलाती हैं। उन्होंने कंपनी के सहयोग से गांव में रोजगार के अवसर उत्पन्न कराए। नकइल गांव में अरुणा ने बिना किसी सरकारी सहायता के तीन सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया है। गांव को स्वच्छ रखने के लिए जगह जगह कूड़ेदान लगवाया गया है। गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी 20 महिलाओं में सिलाई मशीन वितरित कर उन्हें रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया गया। गांव के सरकारी स्कूल में पांच सीलिंग फैन और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हर साल स्कूल बैग वितरित किए जाते हैं। खेल में रुचि लेने वालों बच्चों को कंपनी स्पोर्ट किट उपलब्ध कराती हैं। ‘नेकी के तीन दिन’ कार्यक्रम में गांव के सभी मंदिर और मस्जिदों की पेंटिंग कराकर उनकी साजसज्जा कराई गई। कछार के अति पिछड़े गांव के लोगों के उत्थान के लिए अरुणा पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं। ‘नेकी के तीन दिन’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान भाजपा के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने उनकी जमकर सराहना की। अरुणा ने कहा कि गांव को सुविधा संपन्न बनाकर आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है।
नकइल के अरुण ने किया था आमंत्रित
बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले नकइल गांव के अरुण सिंह ने अरुणा से आने गांव के पिछड़ेपन की चर्चा की। इस पर अरुणा नकइल आकर गांववालों के पिछड़ेपन को देखा। गांव में गरीबी को देखकर वह बहुत द्रवित हुईं। उन्होंने नकइल गांव को गोद लेकर ‘नेकी के तीन दिन’ कार्यक्रम के जरिए गांव के विकास में जुट गईं।