देवरिया। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में 31 सदस्यों की अनुपस्थिति के बावजूद इंटरलॉकिंग काम के सीसी रोड में तब्दीली के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, कृषि मंत्री के बेटे सुब्रत शाही और चार विधायकों की मौजूदगी में उपस्थित सदस्यों ने मेज थपथपाकर प्रस्ताव को स्वीकृति दी। हालांकि इसके तत्काल बाद पहुंचे कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव का विरोध किया। बाहर डीएम और सीडीओ के वाहनों का घेराव कर भी आपत्तियां दी, मगर बैठक की कार्यवाही खत्म होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। एएमए के मुताबिक 46 सदस्य बैठक में उपस्थित थे, सभी ने प्रस्ताव पर सहमति दी है।
जिला पंचायत ने 290 सड़कों के निर्माण कार्य के लिए पिछले दिनों आमंत्रित निविदा में पहले इंटरलॉकिंग कार्य का जिक्र किया था। बाद में इसे सीसी रोड में संशोधित कर दिया गया। बोर्ड से इस संशोधन को मंजूरी दिलाने के लिए शनिवार को बैठक आहूत थी। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली बैठक 1.20 बजे आरंभ हुई। एएमए उमेशचंद पटेल ने एक-एक कर एजेंडा बिंदुओं को पढ़ना शुरू किया। पिछली कार्यवाही की पुष्टि और विभागों की समीक्षा के बाद एजेंडा संख्या तीन पर अंकित संशोधन प्रस्तावों को उपस्थित सदस्यों ने मेज थपथपाकर पारित कर दिया। वर्ष 2019-20 के लिए 5046 करदाताओं से 1.10 करोड़ रुपये की वसूली, पिंडी में सामुदायिक भवन की मरम्मत, देवरहा बाबा मंदिर पर सुंदरीकरण कार्य, मईल में 400 एकड़ भूमि में पशु चारागाह बनाने के प्रस्तावों को भी चर्चा के बाद पास कर दिया गया। सलेमपुर विधायक काली प्रसाद ने लार में जिला पंचायत के रेस्ट हाउस के भी जीर्णोद्धार की बात रखी। बैठक की अध्यक्षता डीएम अमित किशोर ने की। बैठक में सदर विधायक जन्मेजय सिंह, बरहज विधायक सुरेश तिवारी, भाटपाररानी के डॉ. आशुतोष उपाध्याय, सलेमपुर के काली प्रसाद, पथरदेवा ब्लॉक प्रमुख सुब्रत शाही सहित सीडीओ राजेश त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिपं के बजट में हिस्सा बंद करें सांसद : विधायक
पहली बार बैठक में शामिल हुए भाटपाररानी विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने जिला पंचायत के बजट में सांसद, विधायक को भी काम आवंटित करने पर आपत्ति जताई। कहा कि सांसद, विधायक के पास अपनी निधि है, वह उससे काम कराएं। जिला पंचायत की निधि पर सदस्यों का हक है। सोहनाग पोखरा के सुंदरीकरण कार्य के लिए जिला पंचायत से धन देने की बजाए क्षेत्रीय विधायक को अपने निधि से कार्य कराने पर सदस्यों ने जोर दिया।
डीएम का वाहन घेरा, संशोधन प्रस्ताव पर आपत्ति
सदस्यों ने कहा: बिना कोरम के पूरा हुआ बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला पंचायत सदस्यों के एक गुट ने बैठक का बहिष्कार किया। वह कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। उन्होंने बैठक को नियम विरुद्ध बताया। कोरम पूरा हुए बिना कार्यवाही पूरी करने का आरोप लगाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ओमप्रकाश तिवारी के नेतृत्व वाले इस गुट ने बैठक समाप्ति के बाद डीएम के वाहन का घेराव कर 31 सदस्यों का हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंपा। उनका कहना था कि राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत परियोजनाओं पर इंटरलॉकिंग की जगह सीसी रोड कार्य के लिए पहले निविदा बुलाई गई और अब बोर्ड की बैठक में इसे मंजूरी दिलाई जा रही है। नियमानुसार पहले बोर्ड की स्वीकृति लेनी चाहिए थी। यह मामला कोर्ट में है, बावजूद इस पर चर्चा कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार की बैठक का कोरम भी पूरा नहीं था। अधिकांश सदस्यों की अनुपस्थिति के बाद भी कार्यवाही में इसे पूर्ण दिखा दिया गया। अब उन्हें कार्यवाही रजिस्टर भी नहीं दिखाया जा रहा। आपत्ति देने वाले सदस्यों में उपेंद्र, अनिरुद्ध कुशवाहा, धर्मदेव यादव, वीरेंद्र सिंह, मुन्ना आचार्य, बुद्धदेव कुमार, जितेंद्र, जवाहिर, रामविचारे, फेकनी, लैला, संतोष, मीरा देवी, रामप्रकाश यादव, रागिनी सिंह, रिंकू यादव, रंभा देवी, सुभावती, नीमा यादव, लालबहादुर, प्रीति, सरोज आदि शामिल रहे।
बैठक में कुल 46 सदस्य उपस्थित थे। इनमें से किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई और न ही बहिष्कार किया। नियमानुसार कोरम पूरा करते हुए बैठक कराई गई है।
- उमेश चंद्र पटेल, एएमए, जिला पंचायत।