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देवरिया में खुलेगा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर

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ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के लिए शुरू हुई कवायद
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कसया रोड पर चिह्नित की गई दो एकड़ जमीन
केंद्र सरकार की योजना अंतर्गत एनजीओ के सहयोग से खुलेगा सेंटर
प्रशिक्षण केंद्र निर्माण के लिए केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी वित्तीय सहयोग
यहां से मिले प्रमाण पत्र के आधार पर एआरटीओ से जारी होगा डीएल
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए कसया रोड दो एकड़ जमीन चिह्नित की जा रही है। जल्द ही डीएम के माध्यम से इसका प्रस्ताव तैयार कर राज्य परिवहन आयुक्त को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसके निर्माण एवं अन्य बुुनियादी ढांचा तैयार करने का कार्य शुरू हो जाएगा। ट्रेनिंग सेंटर खुलने के बाद यहां ड्राइविंग सीखकर प्रमाण पत्र पेश करने पर ही परिवहन विभाग लाइसेंस जारी करेगा। जिले में एक एनजीओ से सहयोग से इसे विकसित किए जाने की योजना बनाई जा रही है।
देश में प्रशिक्षित चालकों की कमी को दूर करने के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च भारत सरकार (आईडीटीआर) और क्षेत्रीय ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) देश के अन्य जिलों में प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों की स्थापना के लिए योजना पर काम कर रही है। इसके निर्माण के लिए सरकार इच्छुक एजेंसी को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराएगी। सरकार ने इस योजना को प्राइवेट संस्थानों के माध्यम से 31 मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। देवरिया में भी योजना के तहत सुनैना समृद्ध फाउंडेशन नामक एनजीओ ने ड्राइविंग सेंटर खोलने में दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए कसया रोड पर नकट बहादुर सिलहर में दो एकड़ की जमीन 11 साल के लिए लीज पर लेने की तैयारी है। जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर राज्य परिवहन आयुक्त को भेजा जाएगा।
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इनसेट
निर्धारित फीस देकर सीखेंगे ड्राइविंग
यहां आने वाले लोग निर्धारित फीस देकर ड्राइविंग का दो माह का कोर्स सीखेंगे। पास होने वाले अभ्यर्थी को संस्था की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र को परिवहन विभाग भी मान्यता देगा और इसी के आधार पर उसका डीएल बनेगा।
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कसया रोड में ड्राइविंग स्कूल खोलने के लिए एक एजेंसी के माध्यम से दो एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार की आर्थिक मदद से इस पर यह स्कूल खुलेगा। इसके खुल जाने के बाद यहां से जारी प्रमाण पत्र के आधार पर ही डीएल जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष तक यह स्कूल जिले में काम करने लगेगा।
-राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन।
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