देवरिया। लोक निर्माण विभाग की सड़कों का डाटा भी ऑनलाइन करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए विभाग सड़कों के सत्यापन में जुटा है। कौन सी सड़क किस हाल में है, इसकी छानबीन में 47 अभियंताओं को लगाया गया है। यह अभियंता इन सड़कों की तस्वीरें खींचेंगे और विवरण सहित विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराएंगे। पांच जुलाई तक सभी सड़कों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि इस कवायद से सभी सड़कों की मॉनीटरिंग में सहूलियत होगी। सड़क निर्माण व मरम्मत के नाम पर फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा।
जिले में पीडब्ल्यूडी के विभिन्न खंडों के अंतर्गत कुल 1969 सड़कें हैं। इसमें अधिकांश ग्रामीण सड़कें हैं। इसके बाद अन्य जिला मार्ग (ओडीआर), मुख्य जिला मार्ग (एमडीआर) और स्टेट हाईवे (एसएच) हैं। इनकी लंबाई करीब 3829 किमी है। शासन ने सभी सड़कों का ब्योरा तैयार करने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय अभियंताओं की टीम मौके पर जाकर प्रत्येक सड़क की मौजूदा तस्वीर खींचकर उसे विवरण समेत मोबाइल एप और फिर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करें। हर सड़क की तस्वीर अलग-अलग दो-तीन स्थानों से ली जानी है। तस्वीर के साथ यह भी दर्शाना होगा कि सड़क की लंबाई, चौड़ाई कितनी है और वर्तमान में वह कितनी मोटी है। इस कार्य को हर हाल में पांच जुलाई तक पूरा करने को कहा गया है, जिससे मरम्मत व निर्माण योग्य सड़कों की सूची तैयार कर उन पर कोई फैसला लिया जा सके। शासन के निर्देश के बाद विभाग इसकी कवायद में जुट गया है। जेई-एई से लेकर एसई तक की टीमें क्षेत्रों में भ्रमण कर सड़कों का ब्योरा खंगाल रही हैं।
किस अभियंता की कहां लगी ड्यूटी
सड़कों के सत्यापन के लिए विभाग ने 47 अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें जेई से लेकर एसई तक शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता (एसई) स्टेट हाईवे का सत्यापन करेंगे। अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को एमडीआर का ब्योरा देखना है। सहायक अभियंता (एई) को ओडीआर और अवर अभियंता (जेई) को ग्रामीण सड़कों के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
शासन के निर्देश पर सभी सड़कों का सत्यापन शुरू करा दिया गया है। हर अफसर को अपने स्तर की सड़कों का निरीक्षण करने को कहा गया है। पहले मोबाइल एप और फिर पोर्टल पर यह डाटा अपलोड करना है। इसकी हार्डकापी भी मांगी गई है। इससे सड़कों के रखरखाव व मरम्मत में सहूलियत मिलेगी।
- आरके चौधरी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड।
* 1969 कुल सड़कें हैं जिले में पीडब्ल्यूडी की।
* 3829 किमी है इन सड़कों की कुल लंबाई।
* 47 अभियंताओं को मिली है सत्यापन की जिम्मेदारी।
* 05 जुलाई तक मांगा गया है सभी सड़कों का ब्योरा।