देवरिया। जेल में मोबाइल इस्तेमाल किए जाने की सूचना पर जिला जेल में अचानक हुई छापामारी की गई। छापे की सूचना लीक हो जाने से अफसरों के वहां पहुंचने से पहले जेल प्रशासन, बंदी और कैदी सतर्क हो गए। लिहाजा एक घंटे तक बैरकों की तलाशी लेने के बावजूद अफसरों को कुछ नहीं मिला। जेल में बंद नामी बदमाशों की मोबाइल पर बात करने की चर्चा आम है।
निकाय चुनाव को लेकर पुलिस सतर्क है। मऊ जेल में बंद देवरिया के दो शातिर बदमाशों द्वारा बरहज नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता पर चुनाव न लड़ने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दिए जाने के साथ ही देवरिया जेल में बंद कई नामी बदमाश के भी मोबाइल पर बात करने की सूचना मिली थी। इसपर डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर फोर्स सहित जिला जेल गुरुवार को करीब 10.30 बजे पहुंचे। एसपी ने अपनी मौजूदगी में बैरकों की तलाशी कराई, लेकिन करीब एक घंटे तक बैरकों को खंगाले जाने के बावजूद कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। सूत्रों की मानें तो जेल में छापामारी की सूचना लीक हो गई थी। इसलिए जेल प्रशासन ने व्यवस्था चुस्त कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक छापे के बाद एसपी ने जेलर को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अगर जेल में बंद किसी बदमाश की ओर से धमकी देने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। एसपी ने बताया कि निकाय चुनाव को देखते हुए छापामारी की गई थी, लेकिन कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।