बरहज। घाघरा के जलस्तर में दिनोदिन हो रहे इजाफा से बाढ़ का पानी कटइलवा गांव के इंटरलॉकिंग सड़क के ऊपर पहुंच गया है। गांव को कटान से बचाने के लिए लगाए गए बंबोक्रेट आदि जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ को लेकर कुरह परसियां, कोलखास के बाद कटइलवा गांव को आगोश में लेने की आशंका से लोग सहमे हैं।
करीब 20 दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से घाघरा खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर बह रही है। नदी का पानी रामजानकी मार्ग पर दबाव बना रहा है। नगर के पटेलनगर, जयनगर, गौरा, नौका टोला, बिनवापुरी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। परसियां-विशुनपुर देवार के डूबे टोलों के लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों में ताला लगाकर नाव के सहारे विस्थापित हो रहेे हैं। उधर, प्रशासन ने नावों की संख्या बढ़ा दी है। तटवर्ती गांवों के मैरुंड कृषि भूमि और गांवों में घुस रहे पानी को लेकर प्रशासन ने कटइलवा गांव में करीब आधा दर्जन नाव जबकि पहले से ही परसियां-विशुनपुर देवार में 13 नावें लगाई गईं हैं।
परसियां-विशुनपुर देवार बंधे का हुआ मरम्मत
बरहज। घाघरा के पानी के दबाव के चलते टूटे परसियां-विशुनपुर देवार बंधे को प्रशासन ने आनन-फानन में गांववालों की मदद से मरम्मत करा दिया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। दो दिन पहले देर रात तेज आवाज के साथ मुख्य बंधा टूट गया था। करीब 25 टोलों में घाघरा का पानी घुस गया था। ग्राम प्रधान अशोक यादव ने बताया कि करीब दो हजार से अधिक बोरियों में बालू, कंक्रीट भरकर बंधे का मरम्मत करा दिया गया है।