देवरिया। भोजपुरी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय महासचिव डॉ. लारी आजाद ने कहा कि भोजपुरी का सूरज कभी नहीं डूबता। यह कहावत कभी ब्रितानिया हुकूमत के बारे में कही जाती थी, जब विश्व के एक लंबे भू-भाग पर ब्रिटेन का कब्जा था। आज यही बात भोजपुरी के लिए कही जा रही है। क्योंकि विश्व के करीब 20 देशों में भोजपुरी बोली जाती है। अपने देश के करीब 20 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं। भारत का भोजपुरिया जब सोता है तब फिजी, सूरीनाम आदि देशों का भोजपुरिया अपनी आंखें मलते हुए उठता है और दिनचर्या की शुरुआत करता है। गुरुवार को उमानगर स्थित कार्यालय पर आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. लारी ने कहा कि भोजपुरी का मान-सम्मान जरूर वापस मिलेगा। इसके लिए युवा वर्ग को आगे आना चाहिए। आगामी दस वर्षों में प्रदेश का विभाजन जरूर होगा। भोजपुर राज्य बनकर रहेगा। प्रगतिशील भोजपुरी समाज के सचिव नरसिंह ने भावी रणनीति पर प्रकाश डाला। इस दौरान अनिल तिवारी, कैप्टन वीरेंद्र सिंह, शांति स्वरूप दूबे, नित्यानंद आनंद, आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।