देवरिया। किशोरावस्था से हत्या, लूटपाट करने वाला पंकज जरायम की दुनिया में जवान हो गया है। वह लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता है। ताकि अपराध में उसकी हनक कायम हो सके। यहीं वजह है कि महज 21 वर्ष की उम्र में उस पर हत्या और लूट के 18 केस दर्ज हो चुके हैं। पंकज सिंह ने लूट की पांच घटनाओं में शामिल होने की बात को स्वीकार की है। उसके पांच साथी भाग गए हैं।
एसपी राजीव मल्होत्रा प्रेसवार्ता में बताया कि सीओ क्राइम अजय सिंह, कोतवाल नीतिश श्रीवास्तव, स्वॉट प्रभारी अनिल यादव की टीम ने गुरुवार की दोपहर बेलडाड़ रोड पर घेराबंदी किए थे। चंदौली तिराहे के पास दो बाइक पर पांच लोग आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर एक युवक बाइक से फुलवरिया की तरफ भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान भलुअनी, भैया फुलवरिया गांव निवासी पंकज सिंह के रुप में हुई। मौके से पिस्टल, कारतूस और 4600 रुपये नकद बरामद हुआ। उसकी निशानदेही पर दो बाइक भी बरामद हुई। उसने पांच लूट की पांच घटनाओं में शामिल होने की बात कहीं। पंकज के साथ लूटपाट करने वाले में बरहज, फुलवरिया निवासी शाका पांडेय उर्फ वीरू, पांडेय फुलवरिया निवासी रामू कुशवाहा, मदनपुर, नयपुर निवासी सूरज चौबे, भैया फुलवरिया निवासी कुलदीप सिंह और दीपक सिंह उर्फ मंटू हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। एसपी ने टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
एसपी ने बताया कि 17 मई को कोतवाली, चटनी गड़ही में शराब के मुनीम को गोली मारकर लूट करने वालों में पंकज सिंह, सूरज चौबे, रामू और शाका पांडेय शामिल थे। 64 हजार की लूट हुई थी। इसके अलावा चंदौली गांव के पास कारोबारी से चेन लूटने में, पंकज, कुलदीप और दीपक शामिल थे। बिहार, फुलवरिया इलाके में पेट्रोल पंप से ढाई लाख रुपये लूट किए। इसमें रामू, शाका, पंकज और सूरज थे। बिहार, भोरे के मुड़ाडीह पेट्रोल पंप से डेढ़ लाख की लूट, पियटौरा में गोली मारकर लूट की कोशिश को अंजाम दिया था।
गिरफ्तारी वाली टीम में शामिल
उपनिरीक्षक रामधारी मिश्र, संतोष यादव, स्वॉट के धनंजय, अरुण, सदन, प्रशांत, इस्तेखार, राहुल, विमलेश, रविशंकर, मनीष दुबे, प्रद्युम्न जायसवाल, गौरेश, हरिशंकर तिवारी और जावेद शामिल थे।
लुटेरों की बनेगी गैंग, खुलेेगी हिस्ट्रीशीटर
कसया ओवरब्रिज, महाशय गली के बगल में कारोबारी दीपक वर्मा की हत्या लूटपाट के बाद पंकज सिंह सुर्खियों में आया। उसकी उम्र महज साढ़े सत्रह साल की थी। उसके पहले पंकज पर तीन केस दर्ज थे। जुवेनाइल जेल से छूटने के बाद पंकज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। खुलासा के बाद देवरिया पुलिस पंकज सिंह को भूल गई। पूछताछ में जब पता चला कि पंकज के ऊपर करीब 18 केेस दर्ज हैं तो उनके होश उड़ गए। एसपी ने कहा कि पंकज गैंग के अपराध का तरीका गोली चलाने के बाद लूटपाट करना है। हत्या से भी नहीं घबराता। सभी बदमाशों की माफिया गैंग बनेगी और हिस्ट्री शीट खुलेगी।