जिला अस्पताल के इमरजेंसी पर स्ट्रेचर नही होने के चलते वृद्घ महिला को इलाज के लिए टांग कर ले जाते घ?
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वार्ड ब्वॉय ड्यूटी से नदारद, 45 मिनट नहीं हुई मरहम-पट्टी
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का हाल, मरीज छटपटाते रहे फार्मासिस्ट व डॉक्टर ने पट्टी बांधने की नहीं उठाई जहमत
देवरिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार दोपहर ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय व स्वीपर लापता थे, मरीज छटपटाते रहे थे। रक्तस्राव और चीख पुकार से भी चिकित्सक और फार्मासिस्ट का दिल नहीं पसीजा। करीब 45 मिनट बाद वार्ड ब्वाय पहुंचा, तब जाकर घायलों को पट्टी बांधी गई।
रविवार को दोपहर करीब एक बजे खुखुंदू कस्बे में हुई मारपीट में जख्मी चोकट (50) उनके पुत्र बबलू (22), बेटी बबली (18) और रीना (16) को लेकर पुलिस जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। घायलों के सिर व पैर से खून निकल रहा था। यहां कोई मरहम पट्टी करने वाला नहीं था। पुलिसकर्मी बार-बार पट्टी बांधने के लिए बोल रहे थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय और स्वीपर के लापता होने का हवाला देकर फार्मासिस्ट व चिकित्सक ने इंतजार करने की बात कही। यही हाल दुर्घटना में घायल होकर आए अन्य लोगों का भी था। फार्मासिस्ट दोनों कर्मचारियों के मोबाइल पर बार-बार फोन कर रहे थे, लेकिन किसी का नंबर रिसीव नहीं हो रहा था। नाराज लोगों ने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए डॉक्टर और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। लोगों के तेवर देख कर्मचारी कुछ देर के लिए सहम गए। अचानक पहुंचा वार्ड ब्वाय वार्ड में मरीजोें शिफ्ट करने जाने की दलील देते हुए मरहम पट्टी शुरू की। स्वीपर का फिर भी पता नहीं था। ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों से भी लोगों की कहासुनी हुई। स्ट्रेचर नहीं मिलने पर लोग मरीजों को गोद में लेकर अंदर जाते नजर आए। इस बाबत सीएमएस डॉ.छोटेेलाल ने बताया कि ऐसी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो इसकी जांच कराई जाएंगी और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।