राइस मिल मालिकों का
धान कूटने से इन्कार
नौ दिन बाद ही शुरू होनी है धान की खरीद
राइस मिलर्स की मांग: कुटाई दर बढ़ाया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। धान खरीद की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, लेकिन राइस मिल मालिकों की हड़ताल से अफसरों की परेशानी बढ़ गई है। जिले के मिल मालिकों ने कुटाई कार्य के लिए पंजीयन कराने से इन्कार कर दिया है। विपणन विभाग मिल मालिकों को मनाने में जुटा हुआ है। समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा।
शासन ने धान खरीद का लक्ष्य तय कर दिया है। एक नवंबर से धान की खरीद होनी है। इसके लिए जिले में 67 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। राइस मिल मालिक अपनी मांगों पर अड़े हैं और धान की कुटाई करने से इन्कार कर दिया है। मिलर्स संघ के नेता नागेंद्र मल्ल का कहना है कि 1999 में 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कुटाई मिलती थी। तब करीब नौ रुपये लीटर डीजल था। इन दिनों डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं और कुटाई रेट दो दशक पहले का है। 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी देना अनिवार्य है। इस क्षेत्र के धान में 62 से 64 प्रतिशत ही रिकवरी मिलती है। गलत सरकारी नीतियों के कारण राइस मिलर घाटे में हैं। समस्या का समाधान नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगा।
उधर, जिला विपणन अधिकारी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि राइस मिलरों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि वह रजिस्ट्रेशन कराएं। उनकी मांगे शासन स्तर की हैं, इसलिए कोई निर्णय जिला प्रशासन नहीं ले सकता। धान कुटाई के लिए पिछले साल 39 राइस मिलों का पंजीयन हुआ था।