देवरिया बालिकागृह कांड
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सीडब्ल्यूसी के पूर्व सदस्य व अध्यक्ष के बयान दर्ज
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बालिका गृह से बस्ती की किशोरी नहीं पहुंची घर, घरवालों ने लगाया गायब करने का आरोप
प्वाइंटर
उनके कार्यकाल में घरवालों को सुपुर्द की गई थी बस्ती की लापता किशोरी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालगृह बालिका से गायब बस्ती की किशोरी के मामले में सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के पूर्व अध्यक्ष व सदस्यों के बयान एसडीएम सदर ने मंगलवार को दर्ज किए। दो दिन बाद इस मामले से जुड़ी जानकारी के लिए सदस्यों को फिर बुलाया गया है।
मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सेवा संस्थान में आई बस्ती की एक किशोरी गायब हो गई थी। बालिका गृह के कर्मचारियों और पूर्व की जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों का कहना है कि छह मई, 2016 को ही किशोरी को मां-बाप के सुपुर्द कर दिया गया है। इसमें दो गवाहों के हस्ताक्षर भी हैं। बालगृृह बालिका कांड का पर्दाफाश होने के बाद गायब किशोरी के मां-बाप ने जिला प्रशासन से संचालिका पर उसे गायब करने का आरोप लगाया। डीएम अमित किशोर ने सदर एसडीएम रामकेश यादव को मजिस्ट्रियल जांच करने के निर्देश दिए। इसके पूर्व इस मामले में किशोरी के माता-पिता और गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मंगलवार को वर्ष 2016 में भंग की गई सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष निर्मला पांडेय, सदस्य प्रमिला गुप्ता, तारकेश्वर शाही और वीपी यादव को बयान दर्ज करने के लिए एसडीएम ने बुलाया था। कार्यालय के बंद कमरे में एक घंटे तक इन लोगों के बयान एसडीएम ने दर्ज किए। साथ में प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार भी रहे। दो दिन बाद पुन: अध्यक्ष व सदस्यों को एसडीएम ने बुलाया है। इस बाबत प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि पूर्व की सीडब्ल्यूसी के कार्यकाल में सुपुर्द की गई बस्ती की किशोरी के लापता होने के आरोप की जांच चल रही है।