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डीएम का हस्तक्षेप, बैकफुट पर आई पुलिस

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UP Police
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देवरिया। वकीलों के तीखे तेवर पुलिस वालों पर भारी पड़ा। आनन-फानन में वकीलों की पकड़ी गई बाइकों को पुलिस ने देर रात को छोड़ दिया। वहीं वकीलों ने भी सिपाहियों की दोनों बाइक को छोड़ा दिया। यही वजह रही कि मंगलवार को शहर में वाहन चेकिंग नहीं हुई।
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वाहन चेकिंग की जद में आए वकीलों ने सोमवार को दीवानी न्यायालय कैंपस में पहुंचे सिपाहियों की बाइक और वाहनों का कागज मांगना शुरू कर दिया। विरोध करने पर वकीलों ने सिपाहियों की बाइकों को कब्जे में ले लिया। वकीलों का आरोप है कि दस से अधिक वकीलों को टारगेट बनाकर पुलिस ने बाइकों का चालान किया। चालान पर्चे में बाइक पर सीट बेल्ट का उपयोग नहीं होना पुलिस वाले दर्शाए थे। देर रात को डीएम सुजीत कुमार से वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल मिला और पुलिस पर दबंगई का आरोप लगाते हुए वाहन चेकिंग पर रोक लगाने की मांग की। डीएम के निर्देश पर वकीलों की पकड़ी गई बाइकों को छोड़ दिया गया और डीएम ने शहर में जगह-जगह वाहनों की चेकिंग नहीं होने का आश्वासन दिया। इसके बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ। मंगलवार को सुचारु रूप से न्यायालय का काम चला।

तीन दिनों तक चला वाहन चेकिंग
शहर में शनिवार से सोमवार तक लगातार चौक-चौराहों पर वाहनों की चेकिंग हुई। यहां तक की डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर की मौजूदगी में वाहनों की जांच की गई। इसके चलते शहरवासियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। पुलिस और सरकारी कर्मचारियों तक की बाइक सीज व चालान किया गया।
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कलराज ने डीएम को बुलाकर समझाया
शहर में लगातार वाहन चेकिंग की शिकायत जनप्रतिनिधियों तक पहुंची। दिशा की बैठक में भी नेताओं ने शहर के अंदर इतनी सख्ती से वाहन चेकिंग कराने और कागज नहीं होने पर अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप पुलिस पर लगाया। बावजूद इसके पुलिस नहीं मानी तो पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद कलराज मिश्र ने डीएम सुजीत कुमार को आवास पर बुलाकर नाराजगी जाहिर करते हुए शहर के अंदर बेवजह वाहन चेकिंग कर लोगों को परेशान नहीं करने की बात कही। वकीलों के वाहनों को छोड़ने को भी कहा।

डीएम के आश्वासन पर शांत हुए वकील
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र ने कहा कि डीएम से इस मुद्दे पर एक घंटे तक बात हुई। उनके आश्वासन पर वकील शांत हुए हैं। नियम सभी के लिए बराबर होना चाहिए। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सिंघासन गिरी, सुभाष चंद्र राव, लल्लन मिश्र आदि मौजूद रहे।
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