रुद्रपुर। किसानों के खेत में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवरों से रक्षा को सरकार ने उन पर बंदूक चलाने की अनुमति दी है। बंदूकधारी किसान फसलों की रक्षा के लिए अब हथियार उठा सकते हैं। बशर्ते उन्हें एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।
क्षेत्र में नीलगायों की तादाद बढ़ती जा रही है। वह हर साल रुद्रपुर में कई एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा रही हैं। खेत में काफी पूंजी लगाकर फसल तैयार करने वाले किसानों के लिए नीलगाय कई वर्षों से परेशानी की सबब बनी हुईं हैं। ऐसे में क्षेत्र के किसान कई बार प्रशासन से फसलों की रक्षा का गुहार लगा चुके हैं। दो दिन पहले किसानों ने फसलों को चौपट कर रही नीलगायों से फसल की सुरक्षा की मांग की। उन्होंने एसडीएम से मिलकर कहा कि छुट्टा पशुओं और नीलगायों से फसलों को नुकसान हो रहा है। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि शासन के निर्देश पर लाइसेंसी असलहाधारी किसान फसल को नुकसान पहुंचा रहे जानवर नीलगाय को मार सकते हैं। इसके लिए शस्त्रधारी किसान को आवेदन देना होगा। आवेदन देने के उपरांत उन्हें दो माह की अनुमति दी जाएगी। दो माह तक वह लाइसेंसी बंदूक से फसल को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों से रक्षा करेंगे। आगे अनुमति लेने के लिए उन्हें दोबारा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने फसल की रक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस रखने वाले किसानों से आवेदन पत्र प्रस्तुत कर अनुमति लेने की अपील की। कहा कि शस्त्रधारी किसान को सिर्फ जंगली पशु नीलगाय को मारने की अनुमति दी जाएगी है। गो वंशीय पशुओं को मारना अपराध की श्रेणी में होगा।