नीलांबुज मिश्र
देवरिया। सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके ही अफसर मात देने में जुटे हैं। जिला प्रशासन ने 28 भू-माफिया की सूची शासन को भेजी है, जो हकीकत से दूर है। सच्चाई जानने के बावजूद अफसर असली भू-माफिया पर शिकंजा कसने से कतरा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बरहज तहसील में भू-माफिया नहीं है। राजस्व परिषद ने डीएम को पत्र भेजकर एंटी भू-माफिया टास्कफोर्स के साथ बैठक कर भू-माफिया पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।
प्रदेश सरकार जिस उद्देश्य से भू-माफिया पर कार्रवाई के लिए कानून बनाया, उसका सही ढंग से अफसर पालन नहीं कर पा रहे हैं। जिले के आला अफसरों के नाक के नीचे सफेदपोश भू-माफिया का गैंग पूरी तरह सक्रिय है। जिला प्रशासन ने जुलाई में 28 भू-माफिया की सूची तैयार की है। इसमें सदर तहसील के दस, सलेमपुर तहसील के 11, रुद्रपुर के तीन, भाटपाररानी के चार लोग शामिल हैं। इनके ऊपर सरकारी और लोगों की जमीन पर जबरन कब्जा का आरोप है। एंटी भू-माफिया टास्कफोर्स की ओर से कार्रवाई भी चिह्नित भू-माफिया पर हुई है। बरहज के एसडीएम अरुण सिंह ने तहसील क्षेत्र मेें एक भी भू-माफिया नहीं होने की रिपोर्ट भेजी। बरहज तहसील में कई ऐसे भू-माफिया हैं, जो राजनीति का चोला पहन अपने कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। बावजूद तहसील प्रशासन चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। राजस्व परिषद के सचिव ने 12 सितंबर को डीएम और कमिश्नर को पत्र भेजकर भू-माफिया पर सख्ती बरतने और गठित हुई टास्कफोर्स के साथ महीने में दो बार बैठक कर कब्जा खाली कराने की बात कही गई है। कार्रवाई के बाद ऑनलाइन डाटाफीड कराने का निर्देश दिया गया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि भू-माफिया की जो सूची बनाई गई है। वे लोग कई सरकारी भूमि पर कब्जा किए हैं। इस आधार पर कार्रवाई हुई है। बाकी लोगों को चिह्नित कराया जा रहा है। कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।