देवरिया। बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल के खिलाफ सीएमओ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से बिना रजिस्ट्रेशन चलने वाले अस्पताल संचालकों में खलबली है।
राघवनगर में चलने वाले मां विंध्यवासिनी हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। कई लोगों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की थी। इस शिकायत को उन्होंने गंभीरता से लिया और एसीएमओ डॉ. डीबी शाही को जांच के लिए भेजा। बुधवार को एसीएमओ डॉ. डीबी शाही ने पुलिस बल के साथ हॉस्पिटल पर छापा मारा। संचालक से कागजात की मांग गई, लेकिन वह नहीं दिखा सका। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ डॉ. रामनिवास ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दो लोगों को हिरातस में लिया है। सदर कोतवाल नीतीश श्रीवास्तव का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।
अवैध रूप से संचालित हो रहे 500 से अधिक अस्पताल
जिले में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पतालों की भरमार है। जिला मुख्यालय पर भी इनकी संख्या कम नहीं है। सीएमओ कार्यालय के पास मौजूद आंकड़े के मुताबिक जिले में 500 से अधिक अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। तमाम रजिस्टर्ड अस्पतालों में चिकित्सक नहीं बैठते हैं। बिना डिग्री वाले ही मरीजों का उपचार करते हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर मौन बैठे हुए हैं। सीएमओ डॉ. रामनिवास का कहना है कि अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।