देवरिया। देवरिया से तीन सांसद को मंत्रिमंडल में जगह मिली, लेकिन कोई भी कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। 21 महीना पहले ही कलराज मिश्र शुक्रवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिए। इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
18वीं लोकसभा के चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला। पीएम नरेंद्र मोदी कैबिनेट में देवरिया के सांसद कलराज मिश्र 26 मई 2014 को बतौर लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए। खास बात यह है कि कलराज प्रदेश से इकलौते ब्राह्मण बिरादरी से कैबिनेट मंत्री रहे हैं। कुछ सांसद को मंत्रिमंडल के विस्तार में जगह मिली। फिलहाल बतौर कैबिनेट मंत्री उनका 39 महीने का रहा। विधानसभा चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशियों को जीत दिलाई। जिले के तीन सांसद जिन्हें केंद्रीय मंत्री बनने का मौका मिला उसमें सबसे लंबा कार्यकाल कलराज मिश्र के नाम है। इसके पूर्व 1990 में वीपी सिंह की सरकार अल्पमत में आ गई। कांग्रेस के सहयोग से युवा तुर्क चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने। उनके मंत्रिमंडल में राजमंगल पांडेय मानव संसाधन विकास मंत्री बनाए गए, लेकिन उनका कार्यकाल चार महीने रहा। गांधी और नेहरू के करीबी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्वनाथ राय इंदिरा गांधी के कैबिनेट में श्रम, रोजगार और पुनर्वास मंत्री बनाए गए थे। उनका कार्यकाल 1969 से 1971 तक रहा। पांच बार तक संसद में जिले का प्रतिनिधित्व किए हैं।