देवरिया। जेल से बंदियों के मोबाइल पर बात करने पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने भले ही जैमर लगा दिया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जैमर फोर-जी मोबाइल के नेटवर्क को ध्वस्त करने में नाकाम है। वैसे भी बिजली नहीं रहने पर जैमर काम करना बंद कर देता है। ऐसे में फोर-जी मोबाइल की मांग बढ़ गई है।
शासन ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चौकस करने के लिए जैमर लगा दिया। ताकि जेल से कोई बंदी या कैदी मोबाइल फोन पर बात न कर सके। जैमर की क्षमता 500 मीटर की है। लिहाजा जेल परिसर से ईद-गिर्द मोहल्लों में मोबाइल पर बात नहीं हो पा रही है। जैमर लग जाने से रसूखदार बंदियों की बेचैनी बढ़ गई थी। खास बात यह है कि जैमर टू-जी मोबाइल के नेटवर्क को तो ध्वस्त कर दे रहा है, लेकिन फोर-जी नेटवर्क से धड़ल्ले से बात की जा सकती है। जेलर आनंद सिंह कहते हैं कि यह सही बात है कि जैमर टू-जी मोबाइल के नेटवर्क को ही ध्वस्त कर पा रहा है। फोर-जी मोबाइल के नेटवर्क को रोकने में अक्षम साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जेल में किसी कैदी या बंदी के पास मोबाइल नहीं हैं। समय-समय पर बैरकों की तलाशी कराई जाती है।