देवरिया। बैतालपुर डिपो पर तेल माफिया नेपाल के टैंकर चालकों से 200 रुपये गुंडा टैक्स के रुप में वसूलते हैं। इंडियन आयल डिपो के अंदर इंट्री के नाम पर बाकायदा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। रकम मिलने के बाद ही नेपाली ट्रक तेल लेने के लिए डिपो में जाते हैं। स्थानीय टैंकर चालकों से इंट्री फीस के रुप में 50 रुपये वसूला जाता है। ये सब कुछ पुलिस के नाक के नीचे होता है।
बैतालपुर आईओसी डिपो से गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिलों में तेल की सप्लाई होती है। प्रतिदिन करीब छह लाख लीटर डीजल और पेट्रोल का सप्लाई होती जाती है। साथ ही रोडवेज और रेलवे में भी आईओसी की ओर से सप्लाई होती है। प्रतिदिन औसतन 300 से 400 गाड़ियों पर डीजल और पेट्रोल लोड होता है। सबसे बाद में नेपाली टैंकर चालकों का नंबर आता है। सूत्रों का कहना है कि डिपो के आसपास कुछ मनबढ़ों ने पुलिस की मिलीभगत से डिपो इंट्री का ठेका ले रखा है। नेपाली टैंकर चालकों से 200 रुपये इंट्री वसूली जा रही है। उसके बाद ही गाड़ी तेल लेने के लिए डिपो में जाती है। करीब 80 से 100 नेपाली टैंकर प्रतिदिन लोड होते हैं। अगर नेपाली चालकों ने शिकायत की तो बदमाश पिटाई कर देते हैं। डिपो प्रबंधक भी गेट के बाहर होने वाली वसूली से इनकार कर रहे हैं। तेल माफियाओं को संरक्षण देने वाली गौरीबाजार पुलिस भी गुंडा टैक्स से अंजान बनी रहती है। चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। तहरीर मिली तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
डिपो में उपद्रव करने वालों पर चुप्पी
बैतालपुर डिपो सुरक्षा के लिहाज से जिले का सबसे संवेदनशील स्थान है। जिसकी सुरक्षा को लेकर आईबी एलर्ट जारी करती है। मंगलवार की रात भाजपा नेता के सेल्समैन की पिटाई के बाद असलहाधारी डिपो के अंदर पहुंच गए थे। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने डिपो प्रबंधक को जानमाल की धमकी दी। बाकायदा सीसी टीवी कैमरे में पूरा प्रकरण कैद हो गया। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण डिपो के अधिकारियों से घुटने टेेक दिए। उत्पात मचाने वाले मनबढ़ों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। चूक में कोई हादसा हो जाता तो किसी जिम्मेदारी तय होती। आईओसी के मीडिया प्रभारी एमके अवस्थी ने बताया कि ने पूरे विवाद को डिपो गेट से बाहर का बताया। लेकिन वीडियो फुटेज पर चुप्पी साध गए।
12 नंबर फिलिंग पंप हो चुकी है सीज
सूत्रों का दवा है कि घटतौली के आरोपी में आईओसी का फिलिंग गैलेंटी टीएलएफ नंबर 12 वर्ष 2007 में सीज कर दिया गया था। बाकायदा अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। मामला सीजेएम कोर्ट में चल रहा है।