संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। हफ्ते दिन से सरयू के घटाव से तटवर्तीय लोगों ने राहत की सांस ली थी, मगर रविवार की शाम से नदी में दोबारा हलचल शुरू हो गई। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
जल आयोग के अनुसार, शारदा और गिरजापुरी बैराज से करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड और नेपाल में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। नदी के जलस्तर में तीप सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से रविवार की शाम से बढ़ोत्तरी हो रही है।
बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेन्द्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सचेत रहने को कहा गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के आस पास सतर्कता बढ़ा दी गई है। तटवर्तीय लोगों को जल भराव वाले जगहों पर जाने से मना किया गया है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, रविवार की शाम नदी का जलस्तर 63.44 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था। शाम से तेजी से बढ़ रही नदी का जलस्तर सोमवार की शाम चार बजे 64.00 मीटर दर्ज किया गया। जो मीटर हेड पर अंकित खतरे के निशान 64.10 मीटर से 10 सेमी नीचे है। जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि बैराजों से पानी छोड़े के चलते जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।