पथरदेवा सबस्टेशन : ओवर लोड व जर्जर तार के चलते अक्सर गुल हो जाती है बिजली
210 एम्पियर क्षमता के तार पर 375 एम्पियर का लोड
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। पथरदेवा सबस्टेशन के 33 केवी की मेन लाइन में ब्रेक डाउन से उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बुधवार को चार घंटे ठप रही। इससे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के करीब 40 हज़ार की आबादी को भीषण गर्मी से बेहाल होना पड़ा।
पथरदेवा के कबिलसवा में स्थापित सबस्टेशन की बिजली आपूर्ति देवरिया पॉवर हाउस से होती है। इस उपकेंद्र पर दो पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। इससे पथरदेवा कस्बा, चकियां, छितौनी, देवगांव, विशुनपुरा आदि गांवों की बिजली आपूर्ति होती है।
बुधवार की शाम छह बजे के करीब उपकेंद्र की मेन सप्लाई का तार पिघल कर टूट गया और इलाके के सभी गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। काफी मशक्कत के बाद बिजली कर्मियों ने टूटे हुए तार को जोड़ कर आपूर्ति चालू की। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली आपूर्ति ठप होने के दौरान पथरदेवा व विशुनपुरा बाजार कस्बा में व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित रहे। लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए। पानी की सप्लाई ठप रही। लोगों को सड़क पर टहल कर समय काटना पड़ा।
उधर, जेई संदीप कुमार का कहना था कि दरअसल, पथरदेवा में नया सबस्टेशन तो बन गया लेकिन आज भी पुराने और जर्जर बिजली तारों के सहारे आपूर्ति दी जाती है। इसके चलते भीषण गर्मी और उपकेंद्र पर पड़ने वाले ओवरलोड के चलते तार पिघलने से टूट कर गिर जाते हैं। इससे इस उपकेंद्र की सप्लाई बार-बार बाधित हो जाती है। तार बदलने के लिए बार-बार उच्चाधिकारियों को लिखित प्रत्यावेदन दिया जाता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
निगम के अधिकारियों की मानें तो इस उपकेंद्र की मेन सप्लाई के लिए लगाए गए बिजली के तारों की क्षमता 210 एम्पियर की हैं, जबकि 375 एम्पियर बिजली का लोड है। इससे मेन सप्लाई के तार हीट होकर पिघल कर टूट जाते हैं और आपूर्ति ठप हो जाती है।