देवरिया। लोकसभा चुनाव में सदर सीट पर नामांकन करने वाले 29 में से 18 उम्मीदवारों का पर्चा जांच में खारिज हो गया। रिटर्निंग ऑफिसर ने कागजातों में खामियां बताकर सभी पर्चे खारिज किए। हालांकि इस कार्रवाई से उम्मीदवारों में असंतोष रहा। अफसरों पर साजिश के तहत पर्चा खारिज करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी भी जताई, मगर सुरक्षाबलों ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें खदेड़ दिया।
सातवें चरण में 19 मई को होने वाले मतदान के लिए 22 से 29 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया में 29 उम्मीदवारों ने फॉर्म जमा करते हुए चुनावी दंगल में ताल ठोंका था। प्रत्याशियों की संख्या देखते हुए यह चर्चा शुरू हो गई थी कि मतदान कराने के लिए प्रशासन को अब हर बूथ पर दो-दो ईवीएम लगाना होगा। इससे इतर मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच का क्रम शुरू हुआ तो एक-एक कर 18 पर्चे कागजातों में कमी बताकर खारिज कर दिया गया। किसी का नामांकन पत्र में कई जरूरी सूचनाएं अंकित नहीं करने पर खारिज किया गया तो कइयों के शपथ पत्र में खामियां बताकर रद्द कर दिया गया। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी न्यायालय कक्ष में बारी-बारी उम्मीदवारों को बुलाया गया। नामांकन पत्र खारिज होने की सूचना देते हुए बाहर कर दिया गया। पूरी सावधानी बरतने के बावजूद पर्चा खारिज होने से प्रत्याशी असंतुष्ट दिखे। उन्होंने मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करने की भी बात कही। इस बाबत डीएम अमित किशोर का कहना था कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में पूरी की गई है। कागजातों में कमियों के कारण पर्चे खारिज हुए हैं। अब 11 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। दो मई को नाम वापस लिया जा सकेगा।
खारिज हुए इनके पर्चे
पवहारी भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, नथुनी लोकप्रिय समाज पार्टी, आलोक निर्दल, गोरख प्रसाद अखिल गोंडवाना पार्टी, शारदानंद निर्दल, बलिराम प्रजापति भारतीय सोसियो पार्टी, सद्दाम हुसैन राष्ट्रीय सर्वजन विकास पार्टी, राज नारायण गौड गोडवाना गणतंत्र पार्टी, राजू मोडरेट पार्टी, विनय सिंह अमेठिया उर्फ विनय कुमार प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), डॉ. जितेंद्र पांडेय निर्दल, अगस्त्य कुमार राष्ट्रीय विकलांग पार्टी, विजय शंकर सिंह कौशिक हिंदुस्तान जनमोर्चा, गोविंद भारतीय सर्वजन पार्टी, अर्जुन किशोर शाही सत्य बहुमत पार्टी, अवनीश मिश्र हिंदुस्तान निर्माण दल, चतुरानन कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया माले रेडस्टार पार्टी और मनोज राष्ट्रीय समाज पार्टी है।
अब मैदान में बचे उम्मीदवार
नियाज अहमद कांग्रेस, विनोद कुमार बसपा, रमापति राम त्रिपाठी भाजपा, इसरार अहमद भारतीय आवाम एकता पार्टी, ओंकार सिंह समाजवादी समाज पार्टी, चंदन यादव राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल, जितेंद्र सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बिरजा पीस पार्टी, बृजेंद्र मणि त्रिपाठी और रामाशीष निर्दल उम्मीदवार के रुप में मैदान में शेष बचे हैं। हालांकि अभी नाम वापसी भी बाकी है।
उम्मीदवारों का आरोप: साजिश के तहत खारिज हुआ पर्चा
नामांकन पत्र खारिज होने के बाद संबंधित उम्मीदवारों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है। चुनाव अधिकारी की निष्ठा पर भी सवाल उठाए। चतुरानन ओझा का कहना था कि प्रशासन उनके प्रति शुरू से ही द्वेष भावना रखे हुए है। यही कारण था कि उनके नामांकन पत्र खरीदने की सूचना भी सार्वजनिक नहीं की गई और अब पर्चा भी खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पर्चा जमा करते समय उन्हें जांच के लिए मंगलवार को दोपहर 12 बजे बुलाया गया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही जांच प्रक्रिया पूरी कर नामांकन रद्द कर दिया गया था। उधर, विजयशंकर कौशिक का कहना था कि प्रशासन ने एक दल विशेष को लाभ पहुंचाने के मकसद से अधिकांश सवर्णों के पर्चे खारिज किए हैं। इसकी शिकायत वह चुनाव आयोग से करेंगे। विनय सिंह अमेठिया, अवनीश मिश्र आदि ने भी आपत्ति जताई।