डिबार घोषित स्कूल के नौ शिक्षक बने अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक
बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाने में डीआईओएस कार्यालय ने की है नियमों की अनदेखी
माध्यमिक शिक्षकों में इसे लेकर खूब हो रही चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति में विभागीय अधिकारियों ने खूब मनमानी की है। नकल कराने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कराने में गड़बड़ी के लिए डिबार घोषित विद्यालय के नौ शिक्षकों की अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है। इससे नकलविहीन और शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा कराने की शासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कड़ाई के चलते ही जिले में पिछले साल की अपेक्षा इस बार 53,743 परीक्षार्थी कम हो गए हैं। इस बार तो हर परीक्षा केंद्रों के हर कमरों में दोनों तरफ दो सीसीटीवी कैमरे और वॉयसयुक्त रिकॉर्डर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा की शुचिता को धता बताते हुए डीआईओएस कार्यालय के अधिकारियों ने शहर के महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के नौ शिक्षकों को अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक का कार्य दे दिया है। जबकि यह कॉलेज डिबार घोषित है और इस पर मूल्यांकन कार्य में भी गड़बड़ी किए जाने का आरोप लग चुका है। नियमों की अनदेखी कर यहां के प्रवक्ता देवानंद आर्य को आयशा रसीद बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लार, रमेश चंद तिवारी को कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, अखिलेश राव को श्रीमुसाफिर सिंह इंटर कॉलेज सोहनाग, अवधेश कुमार दुबे को संपत्त इंटर कॉलेज खोराराम, उमेश यादव को बीआरडी इंटर कॉलेज मड़पही, संजय तिवारी को संवारी देवी इंटर कॉलेज खोराराम, प्रशांत द्विवेदी को सैयद मीर इब्राहीम बालिका इंटर कॉलेज करजहां, भानु प्रताप सिंह को बेगम लतीफुन्निसा बालिका इंटर कॉलेज देवरिया, भूपेंद्र मिश्रा को नानाजी सहदेव इंटर कॉलेज चकरवां, बहोरदास एवं सहायक अध्यापक अतुल कुमार की श्री रामअधार आदर्श इंटर कॉलेज भटौली खुर्द में ड्यूटी लगाई गई है।
कोट
शहर में स्थित इस प्रमुख कॉलेज को कुछ तकनीकी खामियों से केंद्र नहीं बनाया जा सका। डिबार घोषित होने में यहां के शिक्षकों की कोई गलती नहीं है। इसलिए इन्हें परीक्षा ड्यूटी में लगाया गया।
-शिवचंद राम, डीआईओएस।