देवरिया। महिला अस्पताल में शुक्रवार को नसबंदी कराने पहुंची महिलाओं को पूरे दिन इंतजार के बाद मायूस लौटना पड़ा। इसकी वजह दवा की कमी बताई जा रही है। रुद्रपुर सीएचसी पर भी दवा के अभाव में नसबंदी नहीं हो सकी। सीएमओ बाद में कैंप लगाकर नसबंदी किए जाने की बात कह रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल में सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कैंप लगाकर नसबंदी की जाती है। शुक्रवार को बनकटा, भाटपाररानी ब्लॉक से करीब 30 महिलाओं को नसबंदी कराने के लिए आशा कार्यकर्ता लेकर आई थी। दोपहर बाद इनका रजिस्ट्रेशन कर्मचारियों ने किया और सिर्फ 20 महिलाओं का नसबंदी होने की बात कही। इसे लेकर महिलाओं ने नाराजगी जताई। आरोप है कि डॉ. अल्पना रानी गुप्ता इंजेक्शन न होने का हवाला देते हुए कोर्ट में किसी कार्य से चली गई। पूरे दिन इसे लेकर महिलाएं परेशान रहीं। दिन में करीब दो बजे बनकटा और भाटपाररानी की आशा कार्यकर्ता सीएमओ के पास पहुंची और अधिक दूरी से महिलाओं को लेकर आने का हवाला देते हुए नसबंदी कराने की मांग की। बताते हैं कि एक सप्ताह पूर्व रुद्रपुर सीएचसी पर नसबंदी के लिए गई महिलाओं को इंजेक्शन की उपलब्धता नहीं होने के कारण लौटाया गया था। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने कहा कि पेंटा जोशीना इंजेक्शन न होने से यह दिक्कत हुई। जल्दी ही दवा मंगा ली जाएगी। उसके बाद बनकटा में कैंप आयोजित कर नसबंदी की जाएगी।